22 अप्रैल, जब दहल उठा था Pahalgam, जानें क्या हुआ था उस खूनी दोपहर को और कितने निर्दोषों की चली गई थी जान?

Edited By Updated: 22 Apr, 2026 06:00 AM

april 22 when pahalgam was shaken find out what happened that bloody afternoon

जम्मू-कश्मीर का पहलगाम 22 अप्रैल 2025 गोलियों की गूंज से दहल उठा था जिसे आज तक भुलाया नहीं जा सका है। इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आइए जानतें हैं इस पूरे हमले की जानकारी के बारे में।

Pahalgam terror attack anniversary : जम्मू-कश्मीर का पहलगाम 22 अप्रैल 2025 गोलियों की गूंज से दहल उठा था जिसे आज तक भुलाया नहीं जा सका है। इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आइए जानतें हैं इस पूरे हमले की जानकारी के बारे में।  

क्या हुआ था उस खूनी दोपहर 22 अप्रैल 2025 को?

पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकियों ने कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम के बैसरन मैदान के पास मासूम पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले में एक नेपाली नागरिक सहित 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। 2019 के पुलवामा हमले के बाद यह घाटी में पर्यटकों पर हुआ सबसे घातक हमला था। संयुक्त राष्ट्र (UN) सहित पूरी दुनिया ने इस कायराना कृत्य की कड़ी निंदा की थी।

PunjabKesari

'ऑपरेशन सिंदूर': भारत का करारा जवाब

हमले के कुछ ही दिनों बाद 7 मई 2025 को भारत ने अपनी नई रक्षा नीति का परिचय देते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में सक्रिय आतंकी ढांचे को जमींदोज कर दिया। भारत ने पाकिस्तान के सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाकर इस्लामाबाद के किसी भी जवाबी प्रयास को विफल कर दिया।

PunjabKesari

इस भीषण आतंकी हमले की पहली बरसी (22 अप्रैल) से ठीक पहले, गिलगित-बाल्टिस्तान अध्ययन संस्थान के अध्यक्ष सेंगे सेरिंग ने पाकिस्तान की सैन्य और विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया है। सेरिंग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद कोई बाहरी तत्व नहीं बल्कि पाकिस्तान की शासन व्यवस्था और उसकी सेना की रग-रग में बसा हुआ है।

यह भी पढ़ें: Director एटली के घर गूंजी नन्हीं किलकारी: अक्षय तृतीया के मौके पर आई लक्ष्मी, बेटे मीर ने खास अंदाज में दी खबर

आतंकवाद ही है पाक सेना की प्रेरक शक्ति

सेरिंग ने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना धर्म का इस्तेमाल केवल अपनी सेना को एकजुट रखने और नई भर्ती के लिए करती है। उनके अनुसार पाकिस्तान के लिए आतंकवाद भारत और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसियों के खिलाफ एक रणनीतिक हथियार है। उन्होंने आतंकवाद को पाकिस्तानी व्यवस्था की 'रोटी-रोजी' करार दिया जिसके जरिए वे शांति भंग कर अपना दबदबा बनाए रखना चाहते हैं।

PunjabKesari

वहीं रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने दुनिया को संदेश दिया कि भारत अब सिर्फ 'सर्जिकल स्ट्राइक' तक सीमित नहीं है। भारत ने अब 'सैद्धांतिक प्रतिरोध' (Doctrinal Deterrence) की नीति अपना ली है। इसका सीधा मतलब है कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के हर कृत्य का जवाब अब भारत पूरी ताकत के साथ सीमा पार जाकर देगा।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!