Edited By Pardeep,Updated: 19 Sep, 2026 11:49 PM

गणेशोत्सव के बीच शनिवार को पुणे के ऐतिहासिक भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल में खास मेहमानों की आवाजाही रही। दक्षिणी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर और बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल बप्पा के दर्शन के लिए पहुंचे। NCP (SP) नेता रोहित पवार...
पुणे: गणेशोत्सव के बीच शनिवार को पुणे के ऐतिहासिक भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल में खास मेहमानों की आवाजाही रही। दक्षिणी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर और बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल बप्पा के दर्शन के लिए पहुंचे। NCP (SP) नेता रोहित पवार ने भी मंडल में हाज़िरी लगाई और पूजा-अर्चना की।
बप्पा के दर्शन के बाद लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने पुणे के गणेशोत्सव के अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा, “यहां आकर बहुत अच्छा और धन्य महसूस हो रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में त्योहार अलग-अलग तरीके से मनाए जाते हैं। पुणे का गणेशोत्सव देखना अपने आप में एक शानदार अनुभव है।”
पुणे से अपने खास जुड़ाव की वजह से साइना नेहवाल की मौजूदगी भी खास रही। उन्होंने शहर की अपनी खेल यात्रा को याद करते हुए कहा, “पुणे मेरे सफर का एक खास हिस्सा है। यहां से मेरी बहुत सी यादें जुड़ी हैं, जिसमें वर्ल्ड चैंपियन बनना और कॉमनवेल्थ गेम्स जीतना भी शामिल है। हमें एकजुट रहना चाहिए, अपनी परंपराओं को सहेजना चाहिए और युवा खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए।”
साइना ने युवाओं के लिए अवसर और खेल सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “युवा देश का भविष्य हैं। माता-पिता के सही सहयोग, बेहतर अवसर और मजबूत स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ हमारी युवा पीढ़ी बहुत कुछ हासिल कर सकती है और भारत का नाम दुनिया में और रोशन कर सकती है।” उन्होंने भारत को मजबूत खेल राष्ट्र बनाने और भविष्य में ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद जताई।

मंडल में पहुंचे रोहित पवार ने इस मौके पर अजित पवार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इस गणेशोत्सव में हमें अजित पवार की कमी महसूस हुई। मुझे उम्मीद है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा। मैंने सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे किसानों और MPSC छात्रों के लिए भी प्रार्थना की है।”
इस बीच मंडल प्रशासन ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। फेस्टिवल हेड पुनीत बालन ने कहा, “कई सेलिब्रिटी और VVIP यहां बप्पा के दर्शन और आशीर्वाद लेने आ रहे हैं। लोगों की आस्था बप्पा में है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को देखते हुए हमने उनकी सुविधा के लिए कई इंतजाम किए हैं और पूरे गणेशोत्सव का प्रबंधन व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।”
भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल की ऐतिहासिक पहचान इस आयोजन को और खास बनाती है। मंडल की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 1892 में श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ने सार्वजनिक गणेशोत्सव की स्थापना की थी। 2026 में मंडल अपनी 135वीं वर्षगांठ का उत्सव मना रहा है। यही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को यहां खींचती है। पुणे के मध्य इलाके में स्थित इस मंडल में गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक आस्था के साथ शहर की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी दिखाई देती है। शनिवार को पुष्कर, नेहवाल और रोहित पवार के दौरे ने इसी माहौल को और प्रमुख बना दिया।