बापू एक व्यक्ति नहीं सोच हैं, 'अहंकारी सत्ता' ने इसे मिटाने की असफल कोशिश की: राहुल गांधी

Edited By Updated: 30 Jan, 2026 11:17 AM

bapu is not just a person but an ideology which the arrogant power has unsuc

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया और कहा कि बापू एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सोच हैं जो कभी मिट नहीं सकती क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस सोच को कभी...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया और कहा कि बापू एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सोच हैं जो कभी मिट नहीं सकती क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस सोच को कभी अंग्रेजी साम्राज्य ने, कभी नफ़रत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं - वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी नफ़रत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की।

मगर राष्ट्रपिता ने हमें आज़ादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताक़त से बड़ी सत्य की शक्ति होती है - और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं।

राहुल गांधी ने कहा, "बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।" कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरदार वल्लभभाई पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बीच 1948 में हुए पत्राचार का उल्लेख करते हुए ‘एक्स' पर पोस्ट किया, "महात्मा गांधी की हत्या से दो दिन पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक पत्र लिखा था।

कुछ महीनों बाद, 18 जुलाई 1948 को, सरदार पटेल ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पत्र लिखा।" उन्होंने कहा, "इन दोनों पत्रों में स्वयं को राष्ट्रवाद का स्वघोषित संरक्षक बताने वालों पर बेहद गंभीर आरोप हैं। यह सोचकर हैरानी होती है कि उसी विचारधारा से जुड़े एक लोकसभा सदस्य (अभिजीत गंगोपाध्याय), जिन्हें स्वयं प्रधानमंत्री का आशीर्वाद मिला है, ने यह कहा कि वह गांधी और गोडसे के बीच चयन नहीं कर सकते।

उनकी यह मानसिकता बहुत कुछ स्पष्ट कर देती है।" उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के राष्ट्र के नाम संबोधन से जुड़ा एक लिंक भी साझा किया। नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी, 1948 को नयी दिल्ली में एक प्रार्थना सभा के दौरान महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!