Edited By Ramanjot,Updated: 19 Jan, 2026 12:46 PM

सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर किया कि उसका पिछला आदेश केवल बेदाग और चयनित उम्मीदवारों (Selected & Unaffected Candidates) के लिए था। अदालत ने कहा कि गैर-चयनित उम्मीदवारों को उम्र में छूट देने का हाईकोर्ट का फैसला मूल भर्ती प्रक्रिया की अखंडता को...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल SSC शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें 2016 की भर्ती प्रक्रिया में गैर-चयनित उम्मीदवारों (Non-Selected Candidates) को आयु सीमा में छूट देने का प्रावधान था।
सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर किया कि उसका पिछला आदेश केवल बेदाग और चयनित उम्मीदवारों (Selected & Unaffected Candidates) के लिए था। अदालत ने कहा कि गैर-चयनित उम्मीदवारों को उम्र में छूट देने का हाईकोर्ट का फैसला मूल भर्ती प्रक्रिया की अखंडता को प्रभावित कर सकता है।
जानें क्या है पूरा मामला
यह मामला पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) की ओर से आयोजित 2016 की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता से जुड़ा है। दरअसल, एसएससी ने 2014 में 24,640 पदों के लिए भर्ती निकाली थी और 2016 में भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इस भर्ती परीक्षा में 23 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा का परिणाम 27 नवंबर 2017 को आया, लेकिन आयोग ने बिना स्पष्ट कारण मेरिट लिस्ट रद्द कर दी और कुल 25,753 नियुक्ति पत्र जारी कर दिए, जो निर्धारित पदों से अधिक थे। इस गड़बड़ी और धांधली के आरोपों के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। अप्रैल 2024 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने सभी नियुक्तियां रद्द कर दीं, और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।