West Asia conflict : ईरान जंग के बीच इस छोटे देश को हो रहा बड़ा फायदा, कई देशों को बेच रहा मिसाइल इंटरसेप्टर

Edited By Updated: 11 Mar, 2026 10:26 PM

this small country is benefiting greatly from the iran war

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और मिसाइल हमलों के खतरे के बीच एक छोटे लेकिन तकनीकी रूप से मजबूत देश South Korea को बड़ा फायदा होता दिखाई दे रहा है।

इंटरनेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और मिसाइल हमलों के खतरे के बीच एक छोटे लेकिन तकनीकी रूप से मजबूत देश साउथ कोरिया को बड़ा फायदा होता दिखाई दे रहा है। दरअसल, साउथ कोरिया के Cheongung‑II missile defense system (जिसे KM-SAM भी कहा जाता है) की मांग अचानक तेजी से बढ़ गई है।

यह सिस्टम हवाई हमलों और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है और इसकी सफलता दर करीब 96% बताई जा रही है। यही वजह है कि अब कई देश अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

यूएई ने मांगी जल्दी डिलीवरी

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने साउथ कोरिया से इस सिस्टम की जल्द से जल्द डिलीवरी की मांग की है। यूएई को चिंता है कि ईरान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बढ़ सकता है। इस मांग के जवाब में साउथ कोरिया ने अपने मौजूदा सैन्य स्टॉक से चेओंगंग-II इंटरसेप्टर्स भेजने का फैसला लिया है। यूएई में पहले से ही इस सिस्टम की कई बैटरियां तैनात हैं, जो देश की एयर डिफेंस व्यवस्था का हिस्सा हैं।

सऊदी अरब और इराक के साथ भी हुई डील

सिर्फ यूएई ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब और इराक भी इस मिसाइल इंटरसेप्टर सिस्टम को खरीदने में रुचि दिखा चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक साउथ कोरिया इन देशों के साथ भी रक्षा सौदे कर चुका है। यूएई में हाल ही में हुए ईरानी हमलों के दौरान इस सिस्टम ने बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट किया। इसकी प्रभावी क्षमता और विश्वसनीयता देखने के बाद अन्य देशों का भरोसा भी इस पर बढ़ गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम किफायती, भरोसेमंद और NATO-फ्रेंडली डिजाइन होने के कारण दुनिया के कई देशों के लिए आकर्षक विकल्प बन गया है।

चेओंगंग-II सिस्टम की खासियत

Cheongung-II एक मध्यम दूरी का सतह से हवा में मार करने वाला एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका इस्तेमाल दुश्मन के विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए किया जाता है।

इसकी एक बैटरी में आमतौर पर

  • चार लॉन्चर

  • एक आधुनिक रडार

  • एक फायर कंट्रोल सेंटर

शामिल होता है।

इस सिस्टम में करीब 400 किलोग्राम वजनी इंटरसेप्टर मिसाइल इस्तेमाल होती है, जो हिट-टू-किल तकनीक पर काम करती है। यानी यह सीधे टकराकर दुश्मन की मिसाइल को नष्ट कर देती है।

रेंज और मारक क्षमता

यह सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को लगभग 20 किलोमीटर की दूरी और 15 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई पर रोक सकता है। वहीं अगर दुश्मन के लड़ाकू विमानों को निशाना बनाना हो तो इसकी मारक क्षमता लगभग 50 किलोमीटर तक बताई जाती है और यह करीब 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक लक्ष्य को नष्ट कर सकता है।

साउथ कोरिया की कंपनियों ने किया विकास

Cheongung-II सिस्टम को विकसित करने में साउथ कोरिया की प्रमुख रक्षा कंपनियों LIG Nex1 और Hanwha Systems की बड़ी भूमिका रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ते मिसाइल खतरों के कारण आने वाले समय में इस तरह के एयर डिफेंस सिस्टम की मांग और भी बढ़ सकती है। इसी वजह से साउथ कोरिया का यह सिस्टम अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

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