Edited By Rohini Oberoi,Updated: 24 Feb, 2026 12:28 PM

हम अक्सर अपने शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को मामूली समझकर छोड़ देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके यूरिन (पेशाब) का रंग, उसकी धार और बार-बार बाथरूम जाने की आदत आपकी सेहत के सबसे बड़े राज खोल सकती है? मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक यूरिन से जुड़ी...
Urinary Health Warning Signs : हम अक्सर अपने शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को मामूली समझकर छोड़ देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके यूरिन (पेशाब) का रंग, उसकी धार और बार-बार बाथरूम जाने की आदत आपकी सेहत के सबसे बड़े राज खोल सकती है? मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक यूरिन से जुड़ी परेशानियां सिर्फ इन्फेक्शन नहीं बल्कि किडनी, प्रोस्टेट और यहां तक कि दिल की गंभीर बीमारियों का अर्ली वॉर्निंग सिग्नल हो सकती हैं।
एक्सपर्ट की राय: छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
यूरोलॉजिस्ट डॉ. माधव सान्जगिरी के अनुसार यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) को लोग बहुत हल्के में लेते हैं लेकिन अगर समय पर इसका इलाज न हो तो यह इन्फेक्शन ब्लैडर से होता हुआ आपकी किडनी तक पहुंच सकता है। यह स्थिति आगे चलकर सेप्सिस (Sepsis) जैसी जानलेवा बीमारी का रूप ले सकती है जिसमें शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं।

किडनी और प्रोस्टेट: पुरुषों के लिए चेतावनी
किडनी की बीमारियां अक्सर साइलेंट किलर होती हैं क्योंकि इनके लक्षण बहुत देर से सामने आते हैं। यूरिन की मात्रा कम होना या उसमें खून आना। पुरुषों में अगर यूरिन शुरू करने में दिक्कत हो रही है, धार कमजोर है या रात में बार-बार उठना पड़ रहा है तो यह बढ़े हुए प्रोस्टेट या प्रोस्टेट कैंसर का संकेत हो सकता है। इसे केवल बढ़ती उम्र का असर मान लेना बड़ी भूल हो सकती है।

महिलाओं में लक्षण और प्रभाव
महिलाओं में यूरिन को रोक न पाना या अचानक तेज प्रेशर महसूस होना नसों की कमजोरी या ब्लैडर की कार्यक्षमता में कमी का संकेत है। इसे नजरअंदाज करने से नींद में खलल, मानसिक तनाव और दैनिक जीवन की गुणवत्ता खराब होने लगती है। साथ ही यूरिन में जलन और दर्द किडनी स्टोन (पथरी) का प्रमुख लक्षण है।

हार्ट और डायबिटीज से क्या है कनेक्शन?
हैरानी की बात यह है कि बार-बार यूरिन आना आपके दिल की सेहत से भी जुड़ा है:
-
डायबिटीज: जब खून में शुगर लेवल बढ़ता है तो किडनी उसे बाहर निकालने के लिए ज्यादा यूरिन बनाती है।
-
हार्ट हेल्थ: रात में बार-बार पेशाब आना हृदय संबंधी विकारों का शुरुआती लक्षण हो सकता है। शरीर में फ्लूइड रिटेंशन (पानी का जमाव) होने पर रात में लेटते समय किडनी पर दबाव बढ़ता है।