Edited By Mehak,Updated: 02 Jan, 2026 01:30 PM

उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। यूपी विद्युत नियामक आयोग के निर्देश पर बिजली वितरण कंपनियां उपभोक्ताओं से अधिक वसूली गई करीब 102 करोड़ रुपये की राशि लौटाएंगी। यह रकम नकद नहीं दी जाएगी, बल्कि आने वाले बिजली बिलों में...
नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियां (DISCOM) लगभग 102 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं को वापस लौटाएंगी। यह राशि उन उपभोक्ताओं से अधिक वसूली गई रकम के रूप में बिलों में समायोजित की जाएगी।
इस फैसले का आधार उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) का निर्देश है। आयोग ने पाया कि बिजली कंपनियों ने विभिन्न मदों में तय शुल्क से अधिक वसूली की थी। इसके बाद आयोग ने आदेश दिया कि अतिरिक्त राशि को उपभोक्ताओं के बिलों में एडजस्ट किया जाए।
रकम का मिलेगा एडजस्टमेंट के जरिए लाभ
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उपभोक्ताओं को यह राशि अलग से नकद नहीं दी जाएगी, बल्कि आने वाले बिलों में समायोजन करके वापस दी जाएगा। जिन उपभोक्ताओं से ज्यादा पैसे लिए गए हैं, उनके बिलों में राशि घटाकर दिखाई जाएगी।
लाखों उपभोक्ताओं को फायदा
इस फैसले से प्रदेश के घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को लाभ होगा। खासकर आम घरेलू उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में बिल में राहत नजर आएगी।
नियामक आयोग की सख्ती
UPERC ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने बिजली कंपनियों को भविष्य में बिलिंग और शुल्क वसूली में पारदर्शिता बरतने के निर्देश भी दिए हैं।
उपभोक्ताओं में संतोष
इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं और उपभोक्ता संगठनों में संतोष देखा जा रहा है। उनका कहना है कि यह कदम बिजली कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने की दिशा में अहम है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए 102 करोड़ रुपये की वापसी बिल का बोझ कम करने में मददगार साबित होगी।