Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Oct, 2026 01:34 PM

मध्य प्रदेश की अजनार नदी की सफाई करने वाले 20 वर्षीय युवा पर्यावरण कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें लोग 'बिट्टू तबाही' के नाम से जानते हैं, इन दिनों काफी निराश हैं। उन्होंने नदी को दोबारा गंदा होने से बचाने के लिए किनारे पर दो डस्टबिन रखे थे,...
भोपाल: मध्य प्रदेश की अजनार नदी की सफाई करने वाले 20 वर्षीय युवा पर्यावरण कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें लोग 'बिट्टू तबाही' के नाम से जानते हैं, इन दिनों काफी निराश हैं। उन्होंने नदी को दोबारा गंदा होने से बचाने के लिए किनारे पर दो डस्टबिन रखे थे, जिनमें से एक चोरी हो चुका है।
महीनों की मेहनत के बाद भी नदी में फैला कचरा
बिट्टू ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित अजनार नदी का एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में दिखाया गया था कि महीनों की कड़ी मेहनत के बाद नदी को साफ करने के बावजूद, उसके किनारे फिर से प्लास्टिक की थैलियां और अन्य कचरा जमा होने लगा है।
डस्टबिन रखने के पीछे का मकसद
अपने वीडियो में बिट्टू ने बताया कि लोग सीधे नदी में कचरा न फेंकें, इसलिए उन्होंने नदी के पास एक पेड़ के पास दो डस्टबिन रखे थे। उन्हें उम्मीद थी कि स्थानीय लोग कचरा फेंकने के लिए इनका उपयोग करेंगे। लेकिन जब वे दोबारा वहां पहुंचे, तो उन्हें सिर्फ एक ही डस्टबिन मिला, और दूसरा चोरी हो चुका था।
वीडियो में बिट्टू ने दुख जताते हुए कहा, "मैंने ये डस्टबिन अपने निजी काम के लिए नहीं रखे थे, बल्कि इसलिए रखे थे ताकि लोग अपना कचरा सही जगह फेंक सकें और नदी को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।" इस वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, "जनता की सुविधा के लिए रखे गए ड्रम भी चोरी हो गए।"
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है। एक यूजर ने कहा कि कुछ लोग अपने ही भले के लिए बनाई गई अच्छी सुविधाओं के लायक भी नहीं हैं। दूसरे यूजर ने नदी में कचरा फैलाने वालों पर सख्त जुर्माना लगाने की मांग की।