Edited By Tanuja,Updated: 13 May, 2026 06:16 PM

भाजपा सांसद बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल भूटान पहुंचा, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। दौरे का उद्देश्य भारत-Bhutan संबंधों, संसदीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। दोनों देशों ने ऐतिहासिक मित्रता को नई...
International Desk: भाजपा नेता बिप्लब कुमार देब (Biplab Kumar Deb) के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का भूटान में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बिप्लब देब ने कहा कि यह दौरा भारत और भूटान के बीच पुराने और मजबूत रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग और आपसी विश्वास को और आगे बढ़ाने के लिए सार्थक चर्चा की जाएगी।
बिप्लब देब ने सामाजिक मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि भूटान पहुंचकर उन्हें बेहद सम्मानजनक स्वागत मिला और वह दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करने वाली बैठकों को लेकर उत्साहित हैं। इससे पहले उन्होंने नई दिल्ली में भूटान जाने वाले संसदीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक में भी हिस्सा लिया था। भारत और भूटान के बीच राजनयिक संबंध 1968 में स्थापित हुए थे। दोनों देशों के रिश्तों की बुनियाद 1949 की मैत्री और सहयोग संधि रही, जिसे 2007 में संशोधित किया गया था। भारत-भूटान संबंधों की सबसे बड़ी विशेषता लगातार होने वाले उच्चस्तरीय राजनीतिक और सरकारी दौरे माने जाते हैं।
नरेंद्र मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा भूटान की ही की थी। इसके बाद 2019 में भी उन्होंने भूटान का राजकीय दौरा किया था। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, संस्कृति और सुरक्षा सहयोग लगातार बढ़ा है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी भूटान के ऐतिहासिक सिमटोखा जोंग में प्रार्थना की थी। उन्होंने इसे भूटान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और बौद्ध परंपराओं का प्रतीक बताया था। भारत और भूटान के बीच यह नया संसदीय संवाद ऐसे समय में हो रहा है जब दक्षिण एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच दोनों देश अपने रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को और गहरा करने पर जोर दे रहे हैं।