Edited By Monika Jamwal,Updated: 15 Oct, 2022 01:49 PM

जंगल कट रहे हैं और ऐसे में जंगली जानवर रिहायशी इलाकों का रूख कर रहे हैं।
श्रीनगर: जंगल कट रहे हैं और ऐसे में जंगली जानवर रिहायशी इलाकों का रूख कर रहे हैं। कश्मीर में भी यही हो रहा है। भालू गांवों और कलौनियों में घुस रहे हैं। वन्य जीव विभाग ने इस पर चिंता जताई है।
हिमालय में रहने वाले भुरे भालू एक तरह से दुर्लभ प्रजाति के भालू हैं और अब यह भालू आम दिख रहे हैं। विभाग के अनुसार दुर्गम इलाकों में पर्यटन के बढ़ने से ऐसा हो रहा है और इस पर प्रतिबंध लगना चाहिये।
यह भालू कश्मीर में सबसे वजनी जानवर है। एक व्यसक भालू का वजन 2.5 क्विंटल हो सकता है। वैसे तो यह पूरे विश्व में पाये जाते हैं पर उतरी पर्वतीय श्रृख्ंाला और हिमालय पर्वतीय क्षेत्रों में यह दुर्लभ प्रजाति के हैं।
पिछले वर्ष इन्हें बालटाल क्षेत्र में दोमेल के पास देखा गया था। यह क्षेत्र अमरनाथ गुुफा का क्षेत्र है। वहीं तीन भालू द्रास में भी देखे गये थे। विभाग के अनुसार भालू अब रिहायश वाले क्षेत्रों में देखे जा रहे हैं और यह खतरनाक भी साबित हो सकते हैं। विभाग का कहना है कि इनकी संख्या पहले भी ठीक थी पर इन्हें बस्तियों के निकट कभी नहीं देखा गया पर अब यह दिखने लगे हैं और लोगांे को भी संभल कर रहना होगा।
वाइल्उ लाइफ प्रोजेक्ट की हेड आलिया मीर के अनुसार जंगल समाप्त हो रहे हैं और टुरिज्म भी अब दुर्गम इलाकों की तरफ बढ़ रहा है और ऐसे में यह दुलर्भ जीव अब लोगों की बस्तियों की तरफ कूच कर रहे हैं। उनके अनुसार लोगों द्वारा छोड़ झूठा खाना और कचरा अब भालू खा रहे हैं। यह अच्छा नहीं है।