Income Tax Act 2025: आज से नया टैक्स कानून, 1 अप्रैल से बदल रहे हैं ये 10 बड़े नियम

Edited By Updated: 01 Apr, 2026 08:34 AM

business income tax income tax act 2025 1st april hra itr allowance

भारत सरकार ने टैक्स प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए 'आयकर अधिनियम 2025' लागू कर दिया है। यह नया कानून दशकों पुराने 1961 के अधिनियम की जगह लेगा और 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को कम करना और आम...

नेशनल डेस्क: भारत सरकार ने टैक्स प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए 'आयकर अधिनियम 2025' लागू कर दिया है। यह नया कानून दशकों पुराने 1961 के अधिनियम की जगह लेगा और 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को कम करना और आम करदाताओं के लिए टैक्स की भाषा को सरल बनाना है।

 TAX Year: अब FY और AY का चक्कर खत्म

अब तक करदाता अक्सर 'फाइनेंशियल ईयर' (FY) और 'असेसमेंट ईयर' (AY) के बीच उलझे रहते थे। नए कानून में इन दोनों को खत्म करके केवल एक ही शब्द 'टैक्स ईयर' (Tax Year) रखा गया है। इससे आईटीआर (ITR) फाइलिंग की प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी।

ITR डेडलाइन में राहत

सैलरीड क्लास और व्यक्तिगत करदाताओं (ITR-1 और 2) के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई ही रहेगी। हालांकि, बिजनेस और प्रोफेशनल टैक्सपेयर्स (ITR-3 और 4) के लिए समय सीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है, जिससे उन्हें ऑडिट और तैयारी के लिए एक महीना अतिरिक्त मिलेगा।

HRA क्लेम के दायरे में आए नए शहर

किराए के मकान में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े मेट्रो शहरों के अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद के निवासियों को भी 50% HRA छूट की श्रेणी में शामिल किया गया है। वहीं, नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों में रहने वाले लोग अब 40% टैक्स छूट का दावा कर सकेंगे। हालांकि, अब मकान मालिक का पैन कार्ड और रसीद देना अनिवार्य कर दिया गया है।

शेयर बाजार: F&O और बायबैक पर मार

ट्रेडिंग करने वालों के लिए टैक्स का बोझ बढ़ गया है। फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्‍योरिटी ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स (STT) को बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है। इसके अलावा, शेयरों के बायबैक से होने वाली कमाई पर अब डिविडेंड के बजाय कैपिटल गेन के रूप में टैक्स लगेगा, जिससे प्रमोटर्स और रिटेल निवेशकों की देनदारी बढ़ सकती है।

भत्तों (Allowances) में भारी बढ़ोतरी

आम आदमी को महंगाई से राहत देने के लिए कई भत्तों की सीमा बढ़ाई गई है:

  • शिक्षा भत्ता: इसे ₹100 से बढ़ाकर सीधे ₹3,000 प्रति माह कर दिया गया है।

  • हॉस्टल भत्ता: अब ₹300 के बजाय ₹9,000 प्रति माह पर छूट मिलेगी।

  • फूड कूपन: मील कार्ड पर टैक्स फ्री लिमिट ₹50 से बढ़ाकर ₹200 प्रति मील कर दी गई है।

  • गिफ्ट वाउचर: कंपनी से मिलने वाले सालाना गिफ्ट वाउचर की छूट सीमा ₹5,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है।

पैन (PAN) कार्ड और नकद लेनदेन के सख्त नियम

सिर्फ आधार कार्ड से पैन कार्ड बनवाना अब संभव नहीं होगा; इसके लिए अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे। साथ ही, साल में ₹10 लाख से अधिक कैश जमा करने, ₹5 लाख से महंगी गाड़ी खरीदने या ₹1 लाख से अधिक का होटल बिल चुकाने पर पैन देना अनिवार्य कर दिया गया है।

बदल गए टैक्स फॉर्म के नाम

टैक्स के फॉर्म के नामों को पूरी तरह बदल दिया गया है, हालांकि उनका काम पहले जैसा ही रहेगा। उदाहरण के लिए, अब आपको फॉर्म 16 की जगह 'फॉर्म 130' मिलेगा। इसी तरह 26AS अब 'फॉर्म 168' के नाम से जाना जाएगा।

यह नया कानून करदाताओं के लिए जहां कुछ मोर्चों पर बड़ी राहत लेकर आया है, वहीं स्टॉक मार्केट और हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन करने वालों के लिए अनुपालन (compliance) को अधिक सख्त बना दिया गया है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!