CBSE छात्रों को बड़ी राहत, 10वीं तक जारी रख सकेंगे दो विदेशी भाषाओं की पढ़ाई

Edited By Updated: 27 Jun, 2026 01:18 PM

cbse students get a major relief as they can continue studying two foreign langu

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की सातवीं से नौवीं कक्षा तक के उन लाखों छात्रों को राहत मिली है, जिन्होंने त्रि-भाषा नीति के तहत दो विदेशी भाषाओं का चयन किया है। उन्हें 10वीं कक्षा तक उसी भाषा संयोजन के साथ पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी...

नेशनल डेस्क: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की सातवीं से नौवीं कक्षा तक के उन लाखों छात्रों को राहत मिली है, जिन्होंने त्रि-भाषा नीति के तहत दो विदेशी भाषाओं का चयन किया है। उन्हें 10वीं कक्षा तक उसी भाषा संयोजन के साथ पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी जाएगी।

त्रि-भाषा नीति पर CBSE का बड़ा फैसला
 अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम सीबीएसई की उस घोषणा के एक महीने से अधिक समय बाद हुआ है, जिसमें कहा गया था कि 1 जुलाई से नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी। कई छात्रों और अभिभावकों ने सीबीएसई के आदेश के खिलाफ अदालत का रुख किया था।

कम से कम दो भारतीय भाषाओं की पढ़ाई
 सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''नयी भाषा नीति के तहत कम से कम दो भारतीय भाषाओं की पढ़ाई को आगे छठी कक्षा से लागू किया जाएगा और यह उन छात्रों पर पूर्व प्रभाव से लागू नहीं होगा, जो पहले से ही सातवीं से लेकर नौवीं कक्षा तक में पढ़ रहे हैं।'' अधिकारी ने कहा, ''इस बारे में जल्द ही एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।'' सीबीएसई ने मई में कहा था कि जब तक विशेष आर3 पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जातीं, नौवीं कक्षा के छात्र चुनी हुई भाषा की छठी कक्षा की आर3 पाठ्यपुस्तकों (2026-27 संस्करण) का इस्तेमाल करेंगे।

राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रुपरेखा 2023 
आर3 पाठ्यपुस्तक छात्रों के लिए जारी की गई तीसरी भाषा की अध्ययन सामग्री को संदर्भित करती है। सीबीएसई का यह कदम उसके द्वारा अपनी पढ़ाई की योजना को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रुपरेखा 2023 के अनुरूप बनाने की कोशिश का हिस्सा है।

तीन-भाषा फॉर्मूले को चरणबद्ध तरीके से लागू 
 पंद्रह मई को जारी परिपत्र के अनुसार, जो छात्र विदेशी भाषा चुनना चाहते हैं, वे ऐसा केवल दो भारतीय भाषाओं की पढ़ाई करने के बाद तीसरी भाषा के तौर पर या फिर अतिरिक्त चौथी भाषा के तौर पर ही कर सकते हैं। अप्रैल में, सीबीएसई ने छठी कक्षा से तीन-भाषा फॉर्मूले को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और 2026-27 अकादमिक सत्र से नौवीं कक्षा के लिए गणित और विज्ञान में दो-स्तर वाली प्रणाली शुरू करने की घोषणा की थी। 
 

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