CDSCO Monthly Report: 167 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर फेल, 7 पूरी तरह नकली निकलीं

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 06:19 PM

cdsco monthly report

देश में दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने दिसंबर 2025 में की गई जांच के नतीजे जारी किए हैं।

नेशनल डेस्क: देश में दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने दिसंबर 2025 में की गई जांच के नतीजे जारी किए हैं। CDSCO की वेबसाइट पर प्रकाशित मंथली ड्रग अलर्ट रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान 167 दवाओं के सैंपल “नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (NSQ)” पाए गए, जबकि 7 दवाएं नकली (Spurious Drugs) घोषित की गई हैं। यह रिपोर्ट फार्मा सेक्टर में निगरानी तंत्र की सक्रियता को दर्शाती है और उपभोक्ताओं के लिए सतर्क रहने का संकेत भी है।

NSQ दवाएं क्या होती हैं?

CDSCO की रिपोर्ट के अनुसार, जिन दवाओं को NSQ श्रेणी में रखा गया है, वे तय गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इसका मतलब यह नहीं है कि संबंधित कंपनी की सभी दवाएं खराब हैं, बल्कि यह किसी विशेष बैच तक सीमित समस्या होती है।

दिसंबर 2025 में कितनी दवाएं NSQ पाई गईं?

  • केंद्रीय ड्रग टेस्टिंग लैब्स: 74 सैंपल NSQ
  • राज्य स्तरीय ड्रग लैब्स: 93 सैंपल NSQ
  • कुल NSQ सैंपल: 167

इन दवाओं में शुद्धता, ताकत (पोटेंसी), घुलनशीलता, डिसॉल्यूशन और अन्य तकनीकी पैरामीटर्स में कमी पाई गई। कई मामलों में पैकेजिंग या मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी भी वजह मानी गई है।

7 नकली दवाओं का खुलासा, कहां-कहां से मिले सैंपल?

CDSCO की जांच में 7 दवाओं को स्पूरियस यानी नकली पाया गया। ये दवाएं बिना वैध लाइसेंस के तैयार की गई थीं और नामी कंपनियों की ब्रांडिंग का गलत इस्तेमाल कर बाजार में बेची जा रही थीं। इन नकली दवाओं के सैंपल निम्न स्थानों से सामने आए:

  • गाजियाबाद (नॉर्थ जोन): 4
  • अहमदाबाद: 1
  • बिहार: 1
  • महाराष्ट्र: 1

इन मामलों में संबंधित राज्य ड्रग कंट्रोल विभागों ने जांच शुरू कर दी है और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

ड्रग मॉनिटरिंग सिस्टम पर क्या कहती है यह रिपोर्ट?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की मासिक रिपोर्ट यह साबित करती है कि CDSCO और राज्य एजेंसियां लगातार बाजार पर नजर रखे हुए हैं। समय-समय पर सैंपलिंग से घटिया और नकली दवाओं की पहचान कर उन्हें सप्लाई चेन से बाहर किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी सजग रहने की जरूरत है।

  • दवाएं हमेशा लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही खरीदें
  • पैक पर बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें
  • किसी भी संदेह की स्थिति में स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टर या CDSCO को सूचना दें

NSQ टैग का क्या मतलब होता है?

मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, NSQ का अर्थ यह नहीं कि दवा खतरनाक है या कंपनी अविश्वसनीय है। कई बार बैक्टीरियल कंटैमिनेशन, स्टोरेज समस्या या तकनीकी खामी के कारण कोई बैच मानकों पर खरा नहीं उतर पाता। ऐसे मामलों में सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।

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