'जो वादा किया वो निभाया'...Chandrayaan-3 ने पृथ्वी और चांद की खींची खूबसूरत तस्वीरें, आप भी देखिए

Edited By Updated: 10 Aug, 2023 02:16 PM

chandrayaan 3 captured beautiful pictures of earth and moon

भारत का महत्वाकांक्षी तीसरा चंद्र मिशन (Mission Moon) 'चंद्रयान-3' (Chandrayaan-3) कक्षा में नीचे लाए जाने की एक और सफल प्रक्रिया से गुजरने के साथ ही चांद की सतह के और नजदीक आ गया। 'चंद्रयान-3' की लॉन्चिंग 14 जुलाई को की गई थी और 5 अगस्त को इसने...

नेशनल डेस्क: भारत का महत्वाकांक्षी तीसरा चंद्र मिशन (Mission Moon) 'चंद्रयान-3' (Chandrayaan-3) कक्षा में नीचे लाए जाने की एक और सफल प्रक्रिया से गुजरने के साथ ही चांद की सतह के और नजदीक आ गया। 'चंद्रयान-3' की लॉन्चिंग 14 जुलाई को की गई थी और 5 अगस्त को इसने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था। इसी के साथ चंद्रयान-3 ने चांद व पृथ्वी की तस्वीर एक तस्वीर भेजी है।

PunjabKesari

चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की ताजा तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किया गया है। पृथ्वी को चंद्रयान-3 के लैंडर इमेज कैमरे द्वारा ली गई तस्वीर के साथ-साथ अंतरिक्ष यान के लूनर ऑर्बिट में एंट्री करने के एक दिन बाद चंद्रमा की तस्वीर भी दिखाई गई है।

 

नई तस्वीर में क्या

चंद्रयान-3 के 23 अगस्त को चंद्रमा पर उतरने की उम्मीद है। नए तस्वीरों में, इसरो ने ओशनस प्रोसेलरम (तूफान का महासागर) के साथ-साथ चंद्र सतह पर बड़े, अंधेरे मैदानों में से एक, एडिंगटन, एरिस्टार्चस और पाइथागोरस क्रेटर को चिह्नित किया है। ओशनस प्रोसेलरम समुद्रों में सबसे बड़ा है, जो चंद्रमा के उत्तर-दक्षिण अक्ष पर 2,500 किमी से अधिक तक फैला है और लगभग 4,000,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करता है। फिलहाल चंद्रयान-3 चांद की तीसरी कक्षा में घूम रहा है, उसकी ऑर्बिट 174 km x 1437 km है।

Image

इसरो सूत्रों के मुताबिक, अंतरिक्ष यान को चंद्रमा के करीब लाने के लिए दो और प्रक्रियाएं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ये प्रक्रियाएं 14 और 16 अगस्त को 100 किमी की कक्षा तक पहुंचने के लिए की जाएंगी, जिसके बाद लैंडर और रोवर से युक्त ‘लैंडिंग मॉड्यूल' आगे की प्रक्रिया के तहत ‘प्रपल्शन मॉड्यूल' से अलग हो जाएगा। इसके बाद, लैंडर के ‘डीबूस्ट' (धीमे होने की प्रक्रिया) से गुजरने और 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग' करने की उम्मीद है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!