बच्चों को कफ सिरप दे रहे हैं तो रुक जाइए! ये किडनी कर सकता है खराब, एक्सपर्ट्स से जानें

Edited By Updated: 01 Oct, 2025 08:15 PM

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मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से 6 बच्चों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्चों की किडनी खराब हो गई थी। बच्चों ने कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस सिरप लिया था, जिन्हें तुरंत बैन कर दिया गया। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि कफ सिरप...

नेशनल डेस्क : मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से 6 बच्चों की मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्चों की किडनी खराब हो गई थी, जो मौत का मुख्य कारण बनी। बच्चों ने कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस सिरप लिया था। इस घटना के बाद दोनों सिरप को तुरंत बैन कर दिया गया है।

एक्सपर्ट्स की राय
दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि आजकल माता-पिता डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को कफ सिरप दे देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल मिलाया जाता है ताकि यह खराब न हो, लेकिन अधिक मात्रा में लेने पर यह किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।

किडनी खराब होने का कारण
डॉ. कुमार के अनुसार, जरूरत से अधिक सिरप लेने पर शरीर में डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा बढ़ जाती है। इससे पेशाब न आने, पेट दर्द, और किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक किडनी प्रभावित होने पर यह पूरी तरह फेल हो सकती है, जिससे मौत का खतरा बनता है।

कफ सिरप की सही डोज
दिल्ली के मूलचंद अस्पताल के पल्मोनोलॉजी विभाग के डॉ. भगवान मंत्री ने बताया कि कफ सिरप मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है – ड्राई कफ (सूखी खांसी) और बलगम वाली खांसी के लिए। कुछ सिरप एलर्जी के इलाज के लिए भी होते हैं।

डॉ. मंत्री के अनुसार, 6 से 12 साल के बच्चों के लिए आधी चम्मच (2.55 मिलीलीटर), दिन में 2-3 बार, डॉक्टर की सलाह से दी जा सकती है। 2 से 6 साल तक के बच्चों में बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के सिरप देना पूरी तरह से खतरनाक है। सिरप हमेशा भोजन के बाद दें और एक ही समय पर दो अलग-अलग सिरप न लें।

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