पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सोनामुखी, नंदकुमार व कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में किया विशाल जनसभाओं को संबोधित

Edited By Updated: 12 Apr, 2026 10:02 PM

chief minister yogi adityanath addressed massive public rallies

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। सोनामुखी, नंदकुमार व कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित तीन जनसभाओं में कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने टीएमसी के...

नेशनल डेस्क : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। सोनामुखी, नंदकुमार व कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित तीन जनसभाओं में कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है। बंगाल में तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार सिर्फ भाजपा के पास है। टीएमसी का पूरा मतलब तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी है। सीएम ने कोलकाता के मेयर को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बंगाल की जनता उर्दू नहीं, बांग्ला ही बोलेगी। यहां कठमुल्लापन की संस्कृति नहीं चलने दी जाएगी।

सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल के शासन में यहां बहुत तांडव हुआ है। हमारे कार्यकर्ता सुमन को गोली मार दी गई, सुशोभन का हाथ काट दिया गया। कई कार्यकर्ताओं के घर उजाड़ दिए गए। तृणमूल की गुंडागर्दी के ऐसे अनगिनत उदाहरण भरे पड़े हैं। सीएम ने बंगालवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली में मोदी जी हैं, पश्चिम बंगाल में भी आप भाजपा सरकार लाइए, डबल इंजन सरकार दंगाइयों का इलाज कर देगी। तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार के पास है।

बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर ममता मौन

सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता दीदी मौन रहीं। भय था कि बोलने पर उनका मुस्लिम वोट न खिसक जाए। वोटबैंक के सौदागर बंगाल की डेमोग्रॉफी को बदलना चाहते हैं। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है। लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस को भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जा सकती। ये लोग नवरात्रि आयोजन में व्यवधान पैदा करते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हम सब मिलकर बंगाल का पुराना वैभव लौटा सकते हैं। मैं इसी आह्वान के साथ आपके बीच आया हूं।

बंगाल की दुर्दशा को देखकर होता है दुख 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की दुर्दशा को देखकर दुख होता है। बंगाल भारत के अध्यात्म, संस्कृति, कला-शिक्षा की धरती है। इस धरती ने उच्चकोटि के आध्यात्मिक साधक दिए हैं। अपनी उद्यमिता, परिश्रम, कल-कारखानों, युवाओं की प्रतिभा, श्रमिकों के श्रम से बंगाल एक समय भारत की जीडीपी का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता था, लेकिन पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और 15 वर्ष से तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादक किसानों को 15-16 रुपये किलो का दाम मिल रहा है, जबकि यहां सिर्फ एक से डेढ़ रुपये। यहां किसान कर्ज लेने को मजबूर है। टीएमसी सरकार बंगाल को फिर से उसी त्रासदी की ओर ले जा रही है, जिसका उल्लेख आनंद मंठ के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने किया था। उस समय अकाल था, लेकिन आज सरकार द्वारा पाले गए गुंडे शोषण कर रहे हैं।

तृणमूल ने खड़ा किया बंगाल की पहचान का संकट

सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल ने बंगाल की पहचान को संकट में लाकर खड़ा कर दिया। पीएम मोदी गरीबों के मकान, राशन, स्वास्थ्य, किसान, गांव के विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, वो पैसा टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं। आज यूपी में 40 हजार बड़े उद्योग व 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं। हमने एमएसएमई में 3 करोड़, बड़े उद्योगों में 65 लाख और सरकारी विभागों में 9 लाख से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। बंगाल की तृणमूल सरकार बताए, 15 वर्ष में कितने नौजवानों को नौकरी दी। 12 हजार एमएसएमई यूनिट बंद होने के साथ ही बड़े पैमाने पर बंगाल से उद्योग पलायन कर रहे हैं। 

9 साल पहले यही हाल यूपी का था

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अराजकता, अव्यवस्था, गुंडागर्दी आज पश्चिम बंगाल में है, 9 वर्ष पहले वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां त्योहारों के पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। गुंडे-माफिया समानांतर सत्ता संचालन करते थे। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में जनता-जनार्दन ने डबल इंजन सरकार बनाई तो आज यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सरकार नौजवान, गरीब, महिला, किसान, श्रमिक समेत सभी वर्गों के सम्मान के लिए कार्य कर रही है। यूपी में नो कर्फ्यू-नो दंगा, वहां सब है चंगा। यूपी के सभी गुंडे-माफिया जहन्नुम की यात्रा पर चले गए। यूपी भारत की इकॉनमी में ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। 

माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। भारत में मां काली-मां गंगा की पूजा होगी और बंगाल का हर नागरिक भी जय श्रीराम का उद्घोष करेगा। बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा। यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है। और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है।

हर घर पर भगवा लहराता दिखाई देगा

सीएम योगी ने कहा कि यूपी में अब सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती। मस्जिदों से शोरगुल नहीं होता। गोहत्या पर प्रतिबंध है। यूपी में अब लव जेहाद-लैंड जेहाद नहीं है। वह रामराज्य की स्थापना भूमि है। कांग्रेस, टीएमसी, सपा व राजद ने राम मंदिर का विरोध किया, लेकिन रामभक्तों के कारण अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया। जिस दिन 145 करोड़ का भारत मोदी जी की आवाज में आवाज मिलाकर चलेगा, भारत विरोधी ताकतों के हौसले पस्त हो जाएंगे और हर घर पर भगवा लहराता दिखाई देगा। 

बंगाल की धरती पर राष्ट्रनायकों का किया स्मरण 

मुख्यमंत्री ने खुदीराम बोस को याद कर कहा कि देश की आजादी के लिए उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उद्घोष किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। बंगाल ने स्वामी विवेकानंद जैसा संन्यासी दिया, जिन्होंने ‘गर्व से कहो, मैं हिंदू हूं’ का भाव जगाया। बंगाल रामकृष्ण परमहंस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, लाहिड़ी महाशय व भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की धरती है, लेकिन भारत की संस्कृति की आत्मा और राष्ट्रवाद की धरती बंगाल को तृणमूल कांग्रेस ने तुष्टिकरण, लूट-खसोट, अराजकता की धरती बनाकर रख दिया। 

परिवर्तन की राह पर चल पड़ा है बंगाल 

सीएम योगी ने बंगाल की धरती पर राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर व राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम ने जनचेतना को जागरूक कर हर भारतवासी के मन में स्वाधीनता की अलख जगाई। स्वाधीनता में अमर मंत्र बनकर वंदे मातरम ने भारत को एकता के सूत्र में जोड़ा। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मैं विश्वास से कह रहा हूं कि बंगाल परिवर्तन की नई राह पर चल पड़ा है। 

जहां भी है भाजपा सरकार, वहां हर वर्ग का सम्मान 

सीएम योगी ने बंगाल के मतदाताओं से कहा कि जिस भी राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार आई है, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर, नौकरी, रोजगार, बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा हुई है। हर किसी को सुरक्षा की गारंटी है। किसानों का सम्मान, गरीब के आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों का भी जिक्र किया। कहा कि बंगाल में सारी संभावनाएं हैं, बस मतदाताओं के समर्थन व आशीर्वाद की आवश्यकता है। 1905 में जब ब्रिटिशर द्वारा बंगाल विभाजन की साजिश रची गई थी, तब बंगाल ने आह्वान किया था कि हम विभाजित नहीं होंगे। उस समय बंगाल से स्वदेशी की हुंकार निकली थी और पूरे भारत को स्वाधीनता आंदोलन से जोड़ने का कार्य किया था।

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