Edited By Radhika,Updated: 02 Apr, 2026 04:17 PM

वायनाड की सांसद और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम के चिरायिनकीझु में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केरल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने केरल की सांस्कृतिक विरासत का...
नेशनल डेस्क: वायनाड की सांसद और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम के चिरायिनकीझु में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केरल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने केरल की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान किया, तो वहीं सत्ताधारी दलों की नीतियों की जमकर आलोचना भी की।
केरल की संस्कृति और श्री नारायण गुरु का जिक्र
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत केरल के सामाजिक सुधारों और समानता की संस्कृति की सराहना से की। उन्होंने महान समाज सुधारक श्री नारायण गुरु को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि केरल का सामाजिक ताना-बाना ही "असली भारत की आत्मा" है, जहाँ विभिन्न समुदाय सदियों से आपसी सम्मान के साथ रहते आए हैं। उन्होंने नर्सों, आशा कार्यकर्ताओं और किसानों के योगदान की सराहना करते हुए इसे सेवा और समर्पण का प्रतीक बताया।

राज्य सरकार पर किया तीखा हमला
केरल की एलडीएफ सरकार को आड़े हाथों लेते हुए प्रियंका ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और कम वेतन के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली कमजोर हो रही है, अस्पतालों में न तो पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही उपकरण। आशा कार्यकर्ताओं, मछुआरों और पारंपरिक कोयर (नारियल जटा) उद्योग से जुड़े लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की जनविरोधी नीतियों का मुकाबला करने में पूरी तरह विफल रही है।
केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर प्रहार
राष्ट्रीय स्तर पर प्रियंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने बढ़ती ईंधन और एलपीजी की कीमतों के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्र के हालिया व्यापारिक फैसलों से एमएसएमई (MSMEs) और किसानों की आर्थिक स्थिति और भी नाजुक हो जाएगी।

'कर्नाटक मॉडल' पर जोर दिया
प्रियंका गांधी ने मतदाताओं से बदलाव की अपील करते हुए कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) के एजेंडे को सामने रखा:
1. महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा: कर्नाटक की तर्ज पर केरल में भी महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा का वादा।
2. तटीय विकास: मछुआरा समुदायों के लिए विशेष सहायता और कोयर जैसे संघर्षरत क्षेत्रों का पुनरुद्धार।
3. रोजगार के अवसर: पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाना।