Edited By Parveen Kumar,Updated: 11 Feb, 2026 11:28 PM

देश में जहां खानपान की आदतों में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है और शाकाहारी लोग भी नॉनवेज की ओर रुख कर रहे हैं, वहीं गुजरात का एक शहर बिल्कुल अलग पहचान बना रहा है। भावनगर जिले का पालीताना अब पूरी तरह मांस-मुक्त शहर के रूप में जाना जा रहा है। यहां...
नेशनल डेस्क : देश में जहां खानपान की आदतों में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है और शाकाहारी लोग भी नॉनवेज की ओर रुख कर रहे हैं, वहीं गुजरात का एक शहर बिल्कुल अलग पहचान बना रहा है। भावनगर जिले का पालीताना अब पूरी तरह मांस-मुक्त शहर के रूप में जाना जा रहा है। यहां मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री और सेवन पर संपूर्ण प्रतिबंध लागू है।
पालीताना को जैन धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल माना जाता है। शहर में सैकड़ों जैन मंदिर स्थित हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक आस्थाओं और आध्यात्मिक वातावरण को बनाए रखने के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर यह निर्णय लिया गया। इसके तहत मांस, मछली, चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है, साथ ही मांसाहारी भोजन से जुड़ी दुकानों को भी बंद कराया गया है।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम शहर की धार्मिक पहचान और पवित्रता को संरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। जैन धर्म में अहिंसा को सर्वोच्च सिद्धांत माना जाता है, और उसी विचारधारा के अनुरूप यह व्यवस्था लागू की गई है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पालीताना का यह फैसला उसे वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिला रहा है, जहां शाकाहारी जीवनशैली को संस्थागत रूप से बढ़ावा दिया गया है।