अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण पर इजरायल ने दी बधाई, कहा-“भारत ने सभ्यता का गौरव लौटाया, यह सांस्कृतिक पहचान का शक्तिशाली प्रतीक ”

Edited By Updated: 25 Nov, 2025 05:48 PM

congratulations india for restoring important civilizational symbol  israel

अयोध्या में राम मंदिर पर हुए ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह पर इज़रायल के राजदूत रयूवेन अज़ार ने भारत को बधाई दी और इसे महत्वपूर्ण सभ्यतागत पुनर्जागरण बताया। PM मोदी, मोहन भागवत और CM योगी ने 191 फीट ऊँचे शिखर पर धर्म ध्वज फहराया। मोदी ने इसे सदियों के...

International Desk:अयोध्या में राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह पर इज़रायल के भारत में राजदूत रयूवेन अज़ार ने हार्दिक बधाई दी और इसे “भारत की प्राचीन सभ्यता के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर धर्म ध्वज का फहराना भारत की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत का शक्तिशाली प्रतीक है। राजदूत अज़ार ने अपने X पोस्ट में लिखा: “अभिनंदन भारत! अयोध्या राम मंदिर में आज हुए ध्वजारोहण के लिए। यह एक महत्वपूर्ण सभ्यतागत प्रतीक की पुनर्स्थापना है।” पोस्ट में उन्होंने मंदिर निर्माण के समय अपनी यात्रा की तस्वीरें भी साझा कीं।

 

ऐतिहासिक ध्वजारोहण
मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS प्रमुख मोहन भागवत, और UP CM योगी आदित्यनाथ ने मिलकर 191 फीट ऊँचे राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा धर्म ध्वज फहराया। यह क्षण मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का प्रतीक है।धर्म ध्वज का आकार 10 फीट ऊँचा और 20 फीट लंबा है और उसमें तीन पवित्र चिन्ह अंकित हैं...

  • ॐ-सनातन ध्वनि
  • सूर्य- भगवान राम के सूर्यवंश का प्रतीक
  • कोविदार वृक्ष- ऋषि कश्यप द्वारा निर्मित प्राचीन संकर (हाइब्रिड) वृक्ष

 

PM मोदी ने कहा कि यह ध्वज “सदियों के घावों को भरने वाला क्षण” है और यह भारत की प्राचीन सभ्यता के पुनर्जन्म का प्रतीक है। अभिजीत मुहूर्त और विवाह पंचमी का शुभ संयोगध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में किया गया, जो भगवान राम और माता सीता के विवाह पंचमी से भी जुड़ा है। इससे समारोह का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राम लल्ला गर्भगृह में पूजा की और अन्नपूर्णा मंदिर व सप्तमंदिर में भी दर्शन किए। सभा को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा “राम व्यक्ति नहीं, मूल्य हैं  और यदि हमें भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो हमें अपने भीतर राम को जागृत करना होगा।”  उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में महिलाओं, दलितों, पिछड़ों, किसानों, युवाओं और श्रमिकों को विकास के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत (Viksit Bharat) के संकल्प को दोहराया और कहा कि यह ध्वजारोहण “नए आत्मविश्वास और नई दिशा” का प्रतीक है।  

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