Edited By Pardeep,Updated: 07 Jul, 2026 11:00 PM

कांग्रेस ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के कार्यालय के चार सदस्यों को कथित तौर पर बर्खास्त किए जाने की खबर को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि क्या यह प्रधानमंत्री की 'चंदा दो, धंधा लो' योजना के गड़बड़...
नेशनल डेस्कः कांग्रेस ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के कार्यालय के चार सदस्यों को कथित तौर पर बर्खास्त किए जाने की खबर को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि क्या यह प्रधानमंत्री की 'चंदा दो, धंधा लो' योजना के गड़बड़ हो जाने का एक मामला हो सकता है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के स्टाफ के चार सदस्यों को बर्खास्त किए जाने की खबर चौंकाने वाली है। यह किसी से छिपा नहीं है कि मोदी शासन में इस तरह की नियुक्तियां कैसे की जाती हैं। क्या बिना आग के इतना धुआं उठ सकता है?''
उन्होंने दावा किया, ''क्या यह प्रधानमंत्री की 'चंदा दो, धंधा लो' योजना के गड़बड़ हो जाने का एक मामला हो सकता है?'' सरकार या केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से इस मामले पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यादव के निजी सचिव अमर सिंह को 'प्रशासनिक आधार' पर पद से हटाया गया, जबकि अतिरिक्त निजी सचिव आयुष सारण की नियुक्ति समाप्त कर दी गई और अतिरिक्त निजी सचिव शैलेश कुमार सिंह को उनके मूल कैडर यानी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) में समय से पहले वापस भेज दिया गया।
यह फैसला तीन अलग-अलग आदेशों के जरिए किया गया, जिनकी तारीख तीन जुलाई है।कांग्रेस अतीत में कई बार 'चंदा दो, धंधा लो' का नारा इस्तेमाल करती रही है। पार्टी का आरोप रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी बॉन्ड योजना के तहत चंदा लेने के बदले कुछ चुनिंदा निजी समूहों को सरकारी ठेके दिए।