Edited By Pardeep,Updated: 01 Apr, 2026 11:03 PM

ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग लगातार जारी है। इस युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाई लेवल मीटिंग की, जिसमें खासतौर पर LPG और PNG की...
नेशनल डेस्कः ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग लगातार जारी है। इस युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाई लेवल मीटिंग की, जिसमें खासतौर पर LPG और PNG की सप्लाई पर चर्चा की गई।
CCS की बैठक में हालात की गहन समीक्षा
ईरान-इजराइल जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। इस अहम बैठक में पश्चिम एशिया के तेजी से बिगड़ते हालात और उसके भारत समेत दुनिया पर पड़ने वाले असर की समीक्षा की गई। इस बैठक में राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे।
LPG-PNG सप्लाई और ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
CCS की बैठक में PNG और LPG की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर खास जोर दिया गया। साथ ही उर्वरकों की उपलब्धता, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन पर पड़ने वाले संभावित असर पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं तो भारत को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा पिछली CCS बैठक में उठाए गए मुद्दों की समीक्षा भी की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
पिछली बैठक में क्या हुआ था?
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर पिछले हफ्ते हुई CCS बैठक में कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी थी। इस दौरान कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, MSME, निर्यात, शिपिंग, व्यापार, वित्त और सप्लाई चेन जैसे कई अहम क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। साथ ही ऊर्जा संकट के दौरान प्रभावित हो रहे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने पर भी विचार किया गया था।