Edited By Sahil Kumar,Updated: 07 Sep, 2026 04:34 PM

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के ''वित्तीय कुप्रबंधन'' ने पश्चिम बंगाल को ''व्यावहारिक रूप से दिवालिया'' कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य को इस वित्तीय संकट से बाहर निकलने में कम से कम एक वर्ष लगेगा।
कोलकाताः मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के ''वित्तीय कुप्रबंधन'' ने पश्चिम बंगाल को ''व्यावहारिक रूप से दिवालिया'' कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य को इस वित्तीय संकट से बाहर निकलने में कम से कम एक वर्ष लगेगा। यहां बढ़ी हुई वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों को वितरित करने के बाद राज्य सचिवालय 'नबान्न' में शुभेंदु ने संवाददाताओं से कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बनने के साथ ही राज्य सभी केंद्रीय योजनाओं से जुड़ गया है।
उन्होंने कहा, ''धनराशि आ रही है और भविष्य में भी आएगी।'' वृद्धावस्था पेंशन प्रति लाभार्थी 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह कर दी गई है। शुभेंदु ने कहा, ''पूर्ववर्ती सरकारों के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। राजस्व का नुकसान, चोरी और केंद्रीय योजनाओं में शामिल न होने के कारण राज्य व्यावहारिक रूप से दिवालिया हो गया है।'' उन्होंने कहा, ''हम अब भी खराब स्थिति में हैं और वित्तीय संकट से बाहर आने के लिए हमें कम से कम एक वर्ष लगेगा।''
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के वित्तीय अनुशासन को रेखांकित करते हुए दावा किया कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस चालू वित्त वर्ष में राजकोष को लगभग 18 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने कहा, ''यदि हम राजस्व के नुकसान को रोकने में सफल रहते हैं, तो राज्य की आय में और भी वृद्धि होगी।'' बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों को दोगुना करने के भाजपा के चुनावी वादे के बारे में शुभेंदु ने कहा कि राज्य की खराब वित्तीय स्थिति के कारण इस वर्ष आर्थिक सहायता बढ़ाकर 1,500 रुपये की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि वित्तीय स्थिति में सुधार होता है तो इस राशि में वृद्धि पर विचार किया जाएगा। शुभेंदु ने कहा कि कोई भी यह नहीं चाहता कि किसी अपात्र व्यक्ति को सरकारी लाभ मिले। उन्होंने कहा, ''आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चन्द्रकोणा में एक पुरुष 'विधवा पेंशन' का लाभ ले रहा था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।" उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि केवल पात्र लाभार्थियों को लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से फर्जी प्रविष्टियों को हटाए जाने के बाद सरकार बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही योजना के तहत 50,000 नए आवेदकों को लाभ प्रदान करेगा। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा तैयार की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की प्रतीक्षा सूची को रद्द करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा, ''जिन्होंने हमारे जन कल्याण शिविरों में अपने नाम पंजीकृत कराए हैं, उनके विवरणों के सत्यापन के बाद उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।'' शुभेंदु ने कहा, ''पूर्ववर्ती सरकार द्वारा तैयार की गई प्रतीक्षा सूची को आज से रद्द किया जाता है।'' उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद कल्याणकारी लाभों के लिए आवेदन करने वालों में से एक नयी प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विधवा पेंशन योजना की लाभ उठा रहे 60 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों से आग्रह किया कि वे इस लाभ को त्याग दें और इसके स्थान पर अन्नपूर्णा योजना का विकल्प चुनें, जिसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि अगस्त में 1.48 करोड़ महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत राशि प्राप्त हुई। शुभेंदु ने कहा कि इस महीने, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को लाभार्थियों के बैंक खातों में यह राशि जमा की जाएगी।