Edited By Anu Malhotra,Updated: 05 Aug, 2026 07:57 AM

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP के एक छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाली 15 साल की लड़की के खिलाफ शिकायत करने वाली महिला ने अपनी शिकायत वापस ले ली है। उन्होंने कहा कि लड़की के माफी मांगने और...
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP के एक छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाली 15 साल की लड़की के खिलाफ शिकायत करने वाली महिला ने अपनी शिकायत वापस ले ली है। उन्होंने कहा कि लड़की के माफी मांगने और प्रधानमंत्री के सार्वजनिक रूप से उसे माफ कर देने के बाद वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं।
गाजियाबाद के वसुंधरा की रहने वालीं सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने शुरू में 8 लड़कियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिनमें नोएडा की यह किशोरी पहली थी। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में 'ज़ीरो FIR' दर्ज की गई थी। सिंह के अनुसार, यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 353(1) (सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान) और 356(1) (मानहानि) के तहत दर्ज किया गया था।
सिंह ने कहा, 'प्रधानमंत्री की माफी की अपील के बाद, नोएडा की किशोरी समेत उन लड़कियों ने माफी के वीडियो अपलोड किए। मैंने भी कहा था कि अगर वे माफी मांगती हैं, तो मैं अपनी शिकायत वापस ले लूंगी।' घटना के बाद एक वीडियो में PM मोदी ने कहा था, "गाली-गलौज से कभी कोई समाधान नहीं निकलता। आइए, गुमराह लोगों को सही रास्ता दिखाएं। आइए, मिलकर काम करें। आइए, भारत के लिए काम करें।"
उन्होंने आगे कहा कि बाकी लड़कियों ने भी माफी मांगी और अब उन्होंने सभी 8 मामलों में शिकायतें वापस ले ली हैं। उन्होंने कहा, "चूंकि प्रधानमंत्री ने उन्हें माफ कर दिया है, इसलिए मैं भी इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। मैंने दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच को अपने फैसले के बारे में बता दिया है।"
परिवार अभी भी घर नहीं वापिस नहीं लौटा
नोएडा के सेक्टर 168 की जिस हाउसिंग सोसाइटी में किशोरी अपनी मां के साथ रहती थी, वहां सिक्योरिटी गार्ड और मेंटेनेंस स्टाफ ने बताया कि परिवार घर पर नहीं है। उन्होंने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद से परिवार ज़्यादातर लोगों की नज़र से दूर रहा है और दिल्ली व नोएडा पुलिस के अधिकारी कई बार उनके घर आ चुके हैं। स्टाफ ने कहा कि उन्हें परिवार के मौजूदा ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
परिवार द्वारा उत्पीड़न के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा कि हाउसिंग सोसाइटी के अंदर या पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में कहीं भी उत्पीड़न के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के दिन ही नोएडा पुलिस ने ज़ीरो FIR दर्ज की थी और फिर मामला दिल्ली पुलिस को सौंप दिया था, क्योंकि कथित घटना राष्ट्रीय राजधानी में हुई थी। अधिकारी ने आगे कहा कि तब से परिवार का स्थानीय पुलिस से कोई संपर्क नहीं हुआ है और हो सकता है कि वे कुछ समय के लिए फरीदाबाद चले गए हों।
इससे पहले, लड़की की मां ने प्रधानमंत्री मोदी से अपनी बेटी को माफ करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि परिवार ने कई बार माफ़ी मांगी है और विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग लड़की बहकावे में आ गई थी।
1 अगस्त को, मां ने सार्वजनिक रूप से अपनी बेटी को माफ़ करने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि 10 से 20 साल की उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के इस्तेमाल पर रोक लगाने के बारे में सोचा जाए। उनका तर्क था कि नाबालिगों को विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखा जाना चाहिए क्योंकि वे आसानी से बहकावे में आ जाते हैं।
मां ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी की टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद, परिवार के बार-बार माफ़ी मांगने के बावजूद पुलिसकर्मी लगातार उनके घर आते रहे। उन्होंने यह भी दावा किया कि FIR में उनकी बेटी की उम्र गलत दर्ज की गई थी और मामला वापस लेने की अपील की ताकि 15 साल की लड़की शांति से जी सके ।