Chaitanyananda आश्रम यौन शोषण मामला: दिल्ली पुलिस ने आगरा से दबोचा आरोपी चैतन्यानंद, बड़े राज खुलने की उम्मीद

Edited By Updated: 28 Sep, 2025 09:11 AM

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दिल्ली के एक निजी प्रबंधन संस्थान से जुड़े यौन शोषण मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। खुद को धार्मिक गुरु बताने वाले मुख्य आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। चैतन्यानंद पर 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न...

नेशनल डेस्क। दिल्ली के एक निजी प्रबंधन संस्थान से जुड़े यौन शोषण मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। खुद को धार्मिक गुरु बताने वाले मुख्य आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। चैतन्यानंद पर 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे दिल्ली लाया जा रहा है जहां पुलिस की पूछताछ में कई बड़े राज खुलने की उम्मीद है।

क्या है स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती से जुड़ा पूरा मामला?

यह मामला तब सामने आया जब धार्मिक गुरु की आड़ में आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती पर दक्षिण-पश्चिम दिल्ली स्थित एक निजी प्रबंधन संस्थान की छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा।

मामले की शुरुआत: मार्च 2025 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की एक छात्रा ने पहली शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की।

चौंकाने वाले आरोप: छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें देर रात चैतन्यानंद के क्वार्टर में बुलाया जाता था और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनुचित संदेश भेजे जाते थे। शिकायत में कहा गया कि कुछ छात्राओं को धमकाया भी गया।

जबरन वसूली: एक छात्रा ने बताया कि ₹60,000 दान देने के बाद भी उससे अतिरिक्त राशि की मांग की गई थी।

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अवैध नियुक्तियों और नेटवर्क का खुलासा

यौन उत्पीड़न के अलावा चैतन्यानंद पर संस्थागत अनियमितताओं के भी आरोप हैं:

अयोग्य नियुक्तियां: पूर्व अध्यक्ष चैतन्यानंद पर आरोप है कि उसने वफादारों का एक नेटवर्क बनाकर संस्थान में कई अयोग्य लोगों को महत्वपूर्ण पद दिए। पुलिस के अनुसार वह संस्थान में अंतिम निर्णय लेने वाला व्यक्ति था।

फर्जी नंबर प्लेट: आरोपी पर फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट के इस्तेमाल और अनुचित नियुक्तियों के भी आरोप हैं।

नेटवर्क में सहयोगी: आरोप है कि एक एसोसिएट डीन समेत उसके परिवार के सदस्य भी इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा थे।

पुलिस कार्रवाई: कई छात्राओं ने डर के मारे कॉलेज छोड़ने की बात कही थी। भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन द्वारा ईमेल भेजे जाने के बाद पुलिस ने औपचारिक रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज की।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से छात्राओं के उत्पीड़न उसके नेटवर्क और फर्जी नंबर प्लेट के मामलों में गहन पूछताछ करेगी। इस गिरफ्तारी को मामले की जांच में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

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