Edited By Sanjeev,Updated: 09 Oct, 2026 11:23 AM

नई दिल्ली के अतिरिक्त DCP मनजीत श्योराण ने शुक्रवार को कहा कि पत्रकारों को प्रदर्शनों की कवरेज करते समय प्रदर्शनकारियों से कुछ दूरी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीडियाकर्मी प्रदर्शनों में शामिल भी हो जाते हैं और पुलिस के काम में बाधा...
नई दिल्ली (भारत) : नई दिल्ली के अतिरिक्त DCP मनजीत श्योराण ने शुक्रवार को कहा कि पत्रकारों को प्रदर्शनों की कवरेज करते समय प्रदर्शनकारियों से कुछ दूरी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीडियाकर्मी प्रदर्शनों में शामिल भी हो जाते हैं और पुलिस के काम में बाधा डालते हैं। श्योराण ने कहा, 'कुछ प्रदर्शनकारी एक दिन पत्रकार बनकर आते हैं और दूसरे दिन प्रदर्शनकारी बनकर। हम उनसे लगातार अपील करते हैं कि वे प्रदर्शनकारियों से थोड़ी दूरी बनाए रखें और दूर से ही कवरेज करें। लेकिन फिर भी, वे बीच में आ जाते हैं और हमारे काम में बाधा डालते हैं।'
पत्रकारिता की भूमिका पर जोर देते हुए दिल्ली पुलिस ने X पर कहा, 'पत्रकारिता की अपनी भूमिका है; पत्रकारिता को दबाया नहीं जा सकता।' इससे पहले 4 अक्टूबर को खुद को पत्रकार बताने वाली तीन महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 3 अक्टूबर को 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने पर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ बदसलूकी की थी। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली पुलिस ने X पर जानकारी दी थी, '03-10-26 को नई दिल्ली इलाके में विरोध प्रदर्शन के दौरान, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की स्थिति में तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। नई दिल्ली जिले को उनकी शिकायतें मिली हैं।' डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) नेहा यादव ने कहा, 'शाम करीब 6 बजे, खुद को पत्रकार बताने वाली तीन महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ बदसलूकी की।' यादव ने कहा कि उनकी शिकायत दर्ज कर ली गई है, मेडिकल जांच हो चुकी है और मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
इस बीच गुरुवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि 3 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों ने तीन महिला पत्रकारों का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। एक विज्ञप्ति के अनुसार आयोग ने माना है कि अगर समाचार रिपोर्ट की बातें सच हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसके चलते आयोग ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।