Edited By Rohini Oberoi,Updated: 12 Mar, 2026 04:06 PM

दिल्ली में इस बार गर्मी के दौरान बिजली की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है और इसकी उच्चतम स्तर की मांग 9,000 मेगावाट से अधिक रहने का अनुमान है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य भार प्रेषण केंद्र (एसएलडीसी) के आंकड़ों के...
नेशनल डेस्क। दिल्ली में इस बार गर्मी के दौरान बिजली की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है और इसकी उच्चतम स्तर की मांग 9,000 मेगावाट से अधिक रहने का अनुमान है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य भार प्रेषण केंद्र (एसएलडीसी) के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल दिल्ली में बिजली की उच्चतम मांग 8,442 मेगावाट थी।
बीएसईएस के एक प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) के डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनी) क्षेत्र में बिजली की उच्चतम मांग पिछली गर्मी में 3,798 मेगावाट रही थी लेकिन इस गर्मी में इसके बढ़कर लगभग 3,997 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। वहीं पूर्वी और मध्य दिल्ली में बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) के डिस्कॉम क्षेत्र में बिजली की उच्चतम मांग पिछले साल गर्मी में 1,824 मेगावाट के उच्चतम स्तर पर पहुंची थी और इसके इस साल लगभग 1,991 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।
दिल्ली में बिजली की उच्चतम मांग ने 7,000 मेगावाट का आंकड़ा पहली बार 2018 में पार किया था और यह 7,016 मेगावाट के स्तर तक पहुंची थी। नौ हजार मेगावाट से अधिक की अनुमानित मांग 2002 में दर्ज 2,879 मेगावाट की उच्चतम बिजली मांग की तुलना में 300 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाती है। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा मांग वृद्धि के रुझानों के आधार पर दिल्ली में बिजली की उच्चतम मांग 2028-2029 तक लगभग 10,000 मेगावाट का आंकड़ा पार कर सकती है।