RBI के ब्याज दर यथावत रहने से वृद्धि को मिलेगी स्थिरता: SBI चेयरमैन

Edited By Updated: 03 Jun, 2026 04:29 PM

growth to gain stability as rbi interest rates remain unchanged sbi chairman

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने बुधवार को कहा कि मुद्रास्फीति की चुनौतियों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत दर को यथावत रखने से आर्थिक वृद्धि को स्थिरता मिलेगी। 'सिटी 2026 इंडिया कॉन्फ्रेंस' में शेट्टी ने कहा कि...

मुंबईः भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने बुधवार को कहा कि मुद्रास्फीति की चुनौतियों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत दर को यथावत रखने से आर्थिक वृद्धि को स्थिरता मिलेगी। 'सिटी 2026 इंडिया कॉन्फ्रेंस' में शेट्टी ने कहा कि बाजार की अपेक्षाएं भी व्यापक रूप से ब्याज दर को यथावत बनाए रखने की ओर संकेत देती हैं। 

उन्होंने कहा, ''वृद्धि और मुद्रास्फीति की गतिशीलता अधिक महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि दर को यथावत बनाए रखने से निश्चित रूप से हमें स्थिरता मिलेगी जिससे सुचारू वृद्धि दर सुनिश्चित हो सकेगी।'' अर्थशास्त्रियों एवं कोष प्रतिभागियों के एक सर्वेक्षण में 15 में से 11 उत्तरदाताओं ने आरबीआई द्वारा दरों में यथास्थिति बनाए रखने की उम्मीद जताई है। हालांकि, अधिकतर उत्तरदाताओं का मानना है कि बढ़ते मुद्रास्फीति जोखिमों के बीच केंद्रीय बैंक वित्त वर्ष 2026-27 में आगे कड़ा रुख अपना सकता है। 

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पर शेट्टी ने कहा कि कंपनी चालू कैलेंडर वर्ष में सूचीबद्ध होने का लक्ष्य रख रही है। उन्होंने कहा, ''हम इस वर्ष के दौरान इसे करने की उम्मीद करते हैं। हम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।'' शेट्टी ने बताया कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट पहले ही अपने प्रारंभिक दस्तावेज (डीआरएचपी) दाखिल कर चुकी है और नियामकीय मंजूरी का इंतजार कर रही है। 

उन्होंने कहा कि भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भविष्य की बैंकिंग व्यवस्था हर वर्ग तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना, संस्थागत विशेषज्ञता विकसित करना, ग्राहकों की बदलती जरूरतों की गहरी समझ बनाना और प्रौद्योगिकी, डेटा एवं कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग करना जैसे कुछ प्रमुख स्तंभों पर आधारित होनी चाहिए। एसबीआई के चेयरमैन ने कहा कि इन स्तंभों में वित्तीय निर्णयों व संचालन में पर्यावरण, सामाजिक तथा प्रशासन (ईएसजी) पहलुओं को शामिल करना तथा उच्च स्तर के संचालन, उपभोक्ता संरक्षण और जोखिम प्रबंधन को बनाए रखना भी जरूरी है। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!