Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 May, 2026 03:44 PM

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने कहा है कि देश के विकसित भारत दृष्टिकोण को साकार करने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंक पूंजी जुटाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग देने और वित्तीय समावेशन को...
नई दिल्लीः भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने कहा है कि देश के विकसित भारत दृष्टिकोण को साकार करने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंक पूंजी जुटाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग देने और वित्तीय समावेशन को गति देने में एक बदलावकारी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बुधवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा, ''देश के सबसे बड़े बैंक के रूप में, हम इस भूमिका के साथ आने वाले अवसर और जिम्मेदारी दोनों को समझते हैं और भारत की विकास आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।''
शेट्टी ने बैंक के दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा, ''हमारी रणनीतिक प्राथमिकताएं 'डिजिटल फर्स्ट, कस्टमर फर्स्ट' दृष्टिकोण को मजबूत करने पर केंद्रित रहेंगी।'' उन्होंने कहा कि बैंक अधिक दक्ष और जिम्मेदार बैंकिंग परिवेश बनाने के लिए प्रौद्योगिकी, डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम मेधा (एआई), साइबर सुरक्षा और डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश करना जारी रखेगा। शेट्टी ने कहा कि पिछला वित्त वर्ष बैंक के लिए एक ऐतिहासिक साल था। ''पिछले वर्षों की गति को बनाए रखते हुए, हमने प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में अपने बाजार नेतृत्व को मजबूत किया। साथ ही एक प्रौद्योगिकी-संचालित, ग्राहक-केंद्रित वित्तीय संस्थान में अपने परिवर्तन को जारी रखा।''
उन्होंने कहा कि परिवर्तन के अगले चरण में सभी श्रेणी के ग्राहकों और चैनल पर अत्यधिक व्यक्तिगत, निर्बाध और सहज बैंकिंग अनुभव प्रदान करने पर ध्यान दिया जाएगा। एसबीआई चेयरमैन ने कहा, ''इसके साथ ही भौतिक रूप से बैंक हमारे संबंध-आधारित मॉडल का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रहेगा। हमारा प्रयास होगा कि हम अपने शाखा नेटवर्क की ताकत को डिजिटल मंच की गति और सुविधा के साथ एकीकृत करें, जिससे हमारे ग्राहकों के लिए और बेहतर बैंकिंग अनुभव मिल सके।''
बैंक निरंतर नवोन्मेष और परिचालन उत्कृष्टता के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाने, काम में लगने वाले समय में सुधार करने तथा सेवा गुणवत्ता को और बढ़ाने का प्रयास जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना सरल के तहत शुरू की गई पहल... प्रक्रिया पुनर्गठन, मानकीकरण, डिजिटल एकीकरण और स्वचालन एवं कृत्रिम मेधा के अधिक उपयोग के माध्यम से इस परिवर्तन को गति प्रदान करती रहेगी। शेट्टी ने कहा, ''जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं, हमारा दृष्टिकोण एक भविष्य के लिए तैयार संस्थान का निर्माण करना है जो तकनीकी नेतृत्व को मानवीय विश्वास और व्यावसायिक वृद्धि को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ता है।'' उन्होंने कहा कि जोखिम प्रबंधन और संचालन व्यवस्था बैंक की विकास रणनीति के लिए आधार बने रहेंगे।