महाराष्ट्र कैबिनेट में महिलाओं को शामिल न किए जाने पर डिप्टी सीएम फडणवीस ने दी सफाई, जानें क्या बोले?

Edited By Updated: 09 Aug, 2022 08:54 PM

deputy cm fadnavis clarified non inclusion of women maharashtra

महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि अगले दौर के मंत्रिमंडल विस्तार में महिला विधायकों को निश्चित रूप से मंत्रिपरिषद में शामिल...

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि अगले दौर के मंत्रिमंडल विस्तार में महिला विधायकों को निश्चित रूप से मंत्रिपरिषद में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को अपने दो सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए उसमें 18 मंत्रियों को जगह दी। इनमें शिवसेना के बागी समूह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नौ-नौ मंत्री शामिल हैं। मंत्रिमंडल में किसी महिला को जगह नहीं दी गई है, जिसकी विपक्षी दल और महिला अधिकार कार्यकर्ता आलोचना कर रहे हैं। कैबिनेट विस्तार के साथ ही महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।

आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणीस ने मुंबई में कहा, “अगले मंत्रिमंडल विस्तार में निश्चित तौर पर महिलाएं शामिल की जाएंगी। पहले, कैबिनेट विस्तार में देरी को लेकर लोग हमारी आलोचना कर रहे थे, लेकिन अब वे कुछ नया लेकर आए हैं।” उन्होंने कहा, “जब पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने (नवंबर 2019 में) शपथ ली थी, तब उसमें एक भी महिला कैबिनेट मंत्री नहीं थी। उस समय किसी ने उद्धव सरकार की आलोचना नहीं की थी।” उद्धव ने नवंबर 2019 में सहयोगी दलों-कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पांच मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

बाद में कुछ महिला मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया था। नए मंत्रिमंडल में संजय राठौड़ को शामिल किए जाने के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहले ही इस मुद्दे पर रुख स्पष्ट कर दिया है और अब टिप्पणी करने की कोई जरूरत नहीं है। एमवीए सरकार में वन मंत्री रहे राठौड़ को पिछले साल उस समय इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था, जब भाजपा नेताओं ने उन्हें एक महिला को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। इससे पहले, शिंदे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि एमवीए सरकार ने राठौड़ को ‘क्लीन चिट' दे दी थी, लिहाजा इस बार कैबिनेट मंत्री के पद के लिए उनके नाम पर विचार किया गया।

शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए फडणवीस ने कहा, “एक ऐसी पार्टी, जिसके दो पूर्व मंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में हैं, उसे हमारे मंत्रिमंडल पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।” राकांपा ने मंगलवार को शपथ लेने वाले कुछ मंत्रियों के नामों की सूची सोशल मीडिया पर साझा कर उन पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था। राकांपा नेता और पूर्व मंत्री अनिल देशमुख तथा नवाब मलिक धनशोधन से जुड़े अलग-अलग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में हैं। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!