Edited By Rohini Oberoi,Updated: 19 Feb, 2026 12:04 PM

अगर आप हवाई सफर के दौरान क्रू मेंबर से उलझने या नशे में धुत होकर हंगामा करने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाइए। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बदतमीज यात्रियों पर नकेल कसने के लिए नए नियमों का एक कड़ा ड्राफ्ट तैयार किया है। सरकार ने साफ कर दिया...
Unruly Passenger Guidelines : अगर आप हवाई सफर के दौरान क्रू मेंबर से उलझने या नशे में धुत होकर हंगामा करने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाइए। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बदतमीज यात्रियों पर नकेल कसने के लिए नए नियमों का एक कड़ा ड्राफ्ट तैयार किया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि आसमान हो या एयरपोर्ट, अनुशासनहीनता के लिए अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
नो-फ्लाई लिस्ट में डलेगा नाम, बरसों तक उड़ान पर पाबंदी
DGCA के नए प्रस्ताव के मुताबिक गंभीर अपराध करने वाले यात्रियों को नो-फ्लाई लिस्ट में डाल दिया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर कम से कम 30 दिनों का बैन लग सकता है। मारपीट या जानलेवा हमले जैसी स्थिति में यात्री पर कई सालों तक विमान यात्रा करने पर रोक लगाई जा सकती है। यह लिस्ट सभी एयरलाइंस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा की जाएगी ताकि बैन होने के बाद यात्री किसी दूसरी कंपनी की फ्लाइट का टिकट न ले सके।
चार श्रेणियों में बंटा गुनाह
नए ड्राफ्ट में यात्रियों की बदतमीजी को चार अलग-अलग स्तरों (Levels) में बांटा गया है:
स्तर 1: हल्की कहासुनी या मौखिक बदतमीजी।
स्तर 2: धक्का-मुक्की, गाली-गलौज या क्रू के काम में बाधा डालना।
स्तर 3: शारीरिक हमला, मारपीट या जानलेवा हिंसा।
स्तर 4: कॉकपिट (पायलट रूम) में घुसने की कोशिश या फ्लाइट की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा करना।
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इन हरकतों पर होगी सीधी पुलिस कार्रवाई
ड्राफ्ट में स्पष्ट किया गया है कि निम्नलिखित हरकतों को अब बेहद गंभीर माना जाएगा:
नशे की हालत में उपद्रव करना या फ्लाइट में धूम्रपान (Smoking)।
पायलट या केबिन क्रू के निर्देशों की अनदेखी करना।
इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ या विमान के अंदर नारेबाजी और प्रदर्शन।
एक्शन: ऐसी स्थिति में यात्री को तुरंत फ्लाइट से उतारा जाएगा और मामला सीधे पुलिस के हवाले किया जाएगा।
अभी सुझावों का इंतजार
DGCA ने स्पष्ट किया है कि यह फिलहाल एक ड्राफ्ट (प्रस्ताव) है। एयरलाइंस और आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं। सभी पक्षों की राय लेने के बाद ही इन नियमों को अंतिम रूप देकर पूरे देश में लागू किया जाएगा। विमानन नियामक का कहना है कि एयरपोर्ट और फ्लाइट प्रदर्शन की जगह नहीं हैं यहां यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।