Assam Final Voter List 2026: असम में अंतिम मतदाता सूची जारी, ड्राफ्ट से हटाए गए 2.43 लाख नाम

Edited By Updated: 10 Feb, 2026 07:58 PM

assam final voter list 2026

असम में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एक अहम पड़ाव पार हो गया है। असम चुनाव आयोग ने स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) जारी कर दी है।

नेशनल डेस्क: असम में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एक अहम पड़ाव पार हो गया है। असम चुनाव आयोग ने स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) जारी कर दी है।

फाइनल लिस्ट के अनुसार, असम में अब कुल 2,49,58,139 मतदाता दर्ज हैं। यह संख्या दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 2,52,01,624 वोटरों से 2,43,485 कम है, यानी करीब 0.97% नाम हटाए गए हैं। यह मतदाता सूची राज्य की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए तैयार की गई है, जहां मार्च–अप्रैल 2026 में चुनाव प्रस्तावित हैं।

लिंग के आधार पर मतदाताओं का आंकड़ा

फाइनल वोटर लिस्ट में मतदाताओं का लिंग-आधारित बंटवारा इस प्रकार है:

  • पुरुष मतदाता: 1,24,82,213
  • महिला मतदाता: 1,24,75,583
  • थर्ड जेंडर मतदाता: 343

स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया: घर-घर जाकर जांच

चुनाव आयोग ने बताया कि स्पेशल रिवीजन के तहत 22 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 तक राज्यभर में व्यापक स्तर पर डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन किया गया।

  • 61 लाख से अधिक घरों तक पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन
  • हजारों बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), सुपरवाइजर और चुनाव अधिकारी तैनात
  • राजनीतिक दलों ने पारदर्शिता के लिए 61,533 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए

इस प्रक्रिया के दौरान ड्राफ्ट लिस्ट से पहले ही 10,56,291 नाम हटाए गए, जिनके कारणों में मृत्यु, स्थान परिवर्तन और डुप्लीकेट एंट्री शामिल थीं। क्लेम्स और ऑब्जेक्शंस की जांच के बाद अतिरिक्त 2.43 लाख नाम अंतिम सूची से हटाए गए।

मतदान केंद्रों की संख्या तय

चुनाव आयोग के अनुसार, असम में अब कुल 31,486 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं, ताकि आगामी चुनावों में मतदाताओं को अधिक सुविधा मिल सके।

 D-वोटर को सूची से बाहर रखा गया

फाइनल मतदाता सूची में 93,021 से अधिक D-वोटर (डाउटफुल वोटर) शामिल नहीं किए गए हैं। ये वे व्यक्ति हैं जिनकी नागरिकता को लेकर संदेह है और जिनके मामले Foreigners Act, 1946 के तहत ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। ऐसे लोगों को न तो वोटर आईडी जारी की जाती है और न ही मतदान का अधिकार मिलता है। इनका विवरण ड्राफ्ट सूची में अलग से दर्शाया गया था।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बयान

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद असम में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव आयोग ने हाल ही में दो दिवसीय समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय की स्थिति का आकलन किया है।

नाम छूटने पर क्या करें?

अगर किसी मतदाता का नाम फाइनल सूची में शामिल नहीं है या किसी तरह की त्रुटि है, तो वे प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर दो बार अपील कर सकते हैं। यह प्रक्रिया आगामी चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और अपडेटेड बनाने के उद्देश्य से की गई है।

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