Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 21 Mar, 2026 05:53 PM

कर्नाटक के Belagavi जिले से एक हैरान कर देने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है, जहां ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर एक बुजुर्ग व्यवसायी से करीब ₹15 करोड़ की ठगी कर ली। इस घटना के सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया है।
नेशनल डेस्क: कर्नाटक के Belagavi जिले से एक हैरान कर देने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है, जहां ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर एक बुजुर्ग व्यवसायी से करीब ₹15 करोड़ की ठगी कर ली। इस घटना के सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया है।
कैसे ठगी का शिकार हुआ कारोबारी?
जानकारी के मुताबिक, जालसाजों ने वीडियो कॉल के जरिए खुद को जांच एजेंसियों का वरिष्ठ अधिकारी बताया। पीड़ित को कहा गया कि उनका बैंक अकाउंट गंभीर अपराधों से जुड़ा है। “डिजिटल अरेस्ट” का हवाला देकर उन्हें घर में ही रहने को मजबूर किया गया। जांच पूरी होने तक किसी से बात न करने की चेतावनी दी गई। डर और दबाव में आकर पीड़ित ने अलग-अलग चरणों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी।
कई किस्तों में भेजे गए करोड़ों रुपये
ठगों ने भरोसा दिलाया कि जांच खत्म होते ही पैसा वापस मिल जाएगा। लेकिन जैसे ही पूरा पैसा ट्रांसफर हुआ सभी कॉल और संपर्क अचानक बंद हो गए। पीड़ित को अपनी ठगी का अहसास हुआ,शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। मामले का शक होने पर पीड़ित ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया। अब तक करीब ₹90 लाख की राशि रिकवर की जा चुकी है। बाकी रकम की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम बनाई गई है।
बढ़ रहे हैं ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे फ्रॉड
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में इस तरह के साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं, खासकर बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
ऐसे बचें साइबर ठगी से
किसी भी अनजान कॉल पर खुद को पुलिस/CBI/बैंक बताने वालों पर भरोसा न करें। OTP, बैंक डिटेल या पैसे ट्रांसफर करने का दबाव हो तो तुरंत मना करें। “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। किसी भी संदिग्ध कॉल की शिकायत तुरंत 1930 (Cyber Helpline) पर करें।
जांच जारी, जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।