Edited By Mansa Devi,Updated: 11 Apr, 2026 12:12 PM

किचन अप्लायंसेज की दुनिया में एक नया और आधुनिक विकल्प सामने आया है। अब तक लोग इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल करते आ रहे थे, लेकिन अब बाजार में ‘इलेक्ट्रिक फ्लेम प्लाज्मा स्टोव’ चर्चा का विषय बना हुआ है।
नेशनल डेस्क: किचन अप्लायंसेज की दुनिया में एक नया और आधुनिक विकल्प सामने आया है। अब तक लोग इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल करते आ रहे थे, लेकिन अब बाजार में ‘इलेक्ट्रिक फ्लेम प्लाज्मा स्टोव’ चर्चा का विषय बना हुआ है। यह नया स्टोव बिजली की मदद से काम करता है और इसमें बिना एलपीजी या पीएनजी के असली नीली लौ (फ्लेम) पैदा होती है।
क्या है इलेक्ट्रिक फ्लेम प्लाज्मा स्टोव?
यह स्टोव एक खास तकनीक ‘प्लाज्मा टेक्नोलॉजी’ पर आधारित है। इसमें हवा को आयोनाइज करके प्लाज्मा फ्लेम में बदला जाता है, जिससे आग जैसी नीली लौ पैदा होती है। देखने में यह सामान्य गैस चूल्हे जैसा ही लगता है, लेकिन इसमें गैस पाइप की जगह इलेक्ट्रिक कनेक्शन होता है। इस स्टोव की खास बात यह है कि इसमें इंडक्शन की तरह विशेष बर्तनों की जरूरत नहीं होती। आप इसमें मिट्टी के बर्तन, तांबा, एल्युमीनियम, स्टील या कांच के बर्तन भी आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसकी प्रमुख खासियतें
इस स्टोव में इंडक्शन की तरह सिर्फ गर्मी नहीं बल्कि असली आग जैसी लौ दिखाई देती है। इसमें गैस सिलेंडर या पाइपलाइन की जरूरत नहीं होती, जिससे गैस लीकेज या विस्फोट का खतरा खत्म हो जाता है। यह स्टोव पोर्टेबल भी होता है, यानी इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है, बस बिजली का कनेक्शन चाहिए। सुरक्षा के लिहाज से इसे सुरक्षित माना जा रहा है, हालांकि इसमें असली फ्लेम होने के कारण सावधानी जरूरी है।
कीमत कितनी है?
भारत में यह तकनीक अभी नई है, इसलिए इसकी उपलब्धता सीमित है। फिलहाल यह कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और टेक स्टार्टअप्स के जरिए बेचा जा रहा है। इसकी कीमत लगभग 8,000 रुपये से 15,000 रुपये के बीच बताई जा रही है, जो ब्रांड और फीचर्स के अनुसार बदल सकती है।
बिजली की खपत कितनी है?
यह स्टोव लगभग 2000 से 2500 वॉट की बिजली खपत करता है, जो एक इंडक्शन कुकटॉप या छोटे एयर कंडीशनर के बराबर है। हालांकि गैस सिलेंडर के मुकाबले इसे लंबे समय में किफायती विकल्प माना जा सकता है।
बर्तनों की कोई सीमा नहीं
इस स्टोव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी खास बर्तन की जरूरत नहीं होती। आप मिट्टी, तांबा, एल्युमीनियम, स्टील या कांच—किसी भी तरह के बर्तन का इस्तेमाल कर सकते हैं। कुल मिलाकर, यह नई तकनीक किचन में गैस और इंडक्शन दोनों के विकल्प के रूप में एक आधुनिक बदलाव लेकर आ रही है, जो आने वाले समय में रसोई के इस्तेमाल को और आसान बना सकती है।