यूरोप में फिर खालिस्तानी दुस्साहस; स्लोवेनिया में भारतीय दूतावास पर हमला व तिरंगे का अपमान, भारत ने जताया कड़ा एतराज (Video)

Edited By Updated: 11 Aug, 2026 06:44 PM

europe s softness on khalistani extremists is letting anti india elements walk

स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्ल्याना में भारतीय दूतावास को कथित एंटी-इंडिया और खालिस्तान समर्थक तत्वों ने ग्रैफिटी के जरिए निशाना बनाया। भारत ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्लोवेनियाई अधिकारियों से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विदेश...

Paris: यूरोप में भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्ल्याना में भारतीय दूतावास को कथित एंटी-इंडिया तत्वों ने निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक ग्रैफिटी कर दी। घटना के बाद भारत ने कड़ी आपत्ति जताई और स्लोवेनियाई अधिकारियों से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि राजनयिक परिसर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुरक्षित और अछूते होने चाहिए।

 

रिपोर्टों के अनुसार, 10 अगस्त को ल्युब्ल्याना स्थित भारतीय दूतावास की इमारत पर खालिस्तान समर्थक नारे और भारत विरोधी संदेश लिखे गए। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में दूतावास के परिसर को ग्रैफिटी से खराब किया गया दिखाई देता है। यह घटना भारत के स्वतंत्रता दिवस से कुछ दिन पहले सामने आई है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।  भारत के विदेश मंत्रालय ने दूतावास परिसर को विकृत किए जाने की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने इसे ‘एंटी-इंडिया तत्वों’ की कार्रवाई बताते हुए स्लोवेनियाई अधिकारियों से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।

 

भारत ने यह भी जोर दिया कि राजनयिक परिसरों की सुरक्षा और उनकी पवित्रता अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह मामला वियना कन्वेंशन के तहत राजनयिक परिसरों की सुरक्षा से भी जुड़ा है। खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को लेकर भारत लंबे समय से यूरोपीय और पश्चिमी देशों के सामने अपनी चिंताएं रखता रहा है। भारत का तर्क रहा है कि शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और किसी देश के राजनयिक मिशन को निशाना बनाना दो अलग-अलग बातें हैं।

 

 

दूतावास में तोड़फोड़ या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना केवल राजनीतिक विरोध का मामला नहीं रह जाता, बल्कि यह राजनयिक परिसर की सुरक्षा और मेजबान देश की जिम्मेदारी से जुड़ा विषय बन जाता है। भारत ने स्लोवेनिया में हुई घटना के अलावा विदेशों में फैलाए जा रहे कथित नफरत भरे प्रचार और गलत सूचनाओं पर भी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने दूसरे देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भी ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
 

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