Edited By Sanjeev,Updated: 28 Sep, 2026 11:40 AM

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के आरोपों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने उन सभी "झूठों" का पर्दाफाश कर दिया है और विपक्ष के नेताओं पर जनता को गुमराह करने और देश में भ्रम पैदा करने की कोशिश करने का...
नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के आरोपों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने उन सभी "झूठों" का पर्दाफाश कर दिया है और विपक्ष के नेताओं पर जनता को गुमराह करने और देश में भ्रम पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। पत्रकारों से बात करते हुए नड्डा ने कहा कि तथ्यों की कसौटी पर कसे जाने पर विपक्ष के आरोपों को बार-बार खारिज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनके आरोपों के पीछे की सच्चाई चुनाव आयोग और देश की सर्वोच्च अदालतों के सामने आ चुकी है।
नड्डा ने कहा, 'अब चुनाव आयोग ने सभी झूठों का पर्दाफाश कर दिया है।' उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के सभी सदस्यों की ओर से जवाब दिए जाने के बावजूद वे लगातार आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा और कहा, 'राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल आरोप लगाते हैं और चले जाते हैं; उन्हें जनहित से कोई लेना-देना नहीं है।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब विपक्ष के पास "इरादा और विजन" की कमी होती है, तो वे देश में भ्रम पैदा करने और माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं।
नड्डा ने कहा, 'हमने कुछ दिन पहले देखा कि कैसे एक मनगढ़ंत समाचार रिपोर्ट के आधार पर देश भर में माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी। अब चुनाव आयोग के सभी सदस्यों द्वारा उनके आरोपों का जवाब दिए जाने के बाद भी, वे एक बार फिर देश में माहौल खराब करने की कोशिशों में लगे हुए हैं।' राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा, 'राहुल गांधी, ध्यान से सुनिए—किसी झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता, और सच को कभी हराया नहीं जा सकता।' नड्डा ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी जैसे विपक्षी नेताओं की राजनीति संवैधानिक और स्वायत्त संस्थाओं पर सवाल उठाने तक ही सीमित होती जा रही है। उन्होंने कहा, 'आरोप लगाना, भ्रम फैलाना, देश का माहौल खराब करना और फिर भाग जाना—यही उनके काम करने का तरीका बन गया है।'
नड्डा ने सत्ता के प्रति बीजेपी और विपक्ष के नजरिए में भी अंतर बताया और कहा कि उनकी पार्टी सत्ता को जनता की सेवा का जरिया मानती है। नड्डा ने कहा, 'बीजेपी के लिए सत्ता 140 करोड़ लोगों के हितों की सेवा करने का एक माध्यम है।' उन्होंने कहा कि बीजेपी का मकसद देश के नागरिकों की सेवा करना और 'अंत्योदय' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करना है, जबकि विपक्ष पर परिवारवादी राजनीति और अपने निजी हितों के लिए सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता विपक्ष के "दोहरे मापदंडों और नकारात्मक राजनीति" को समझ चुकी है और जोर देकर कहा कि अस्थिरता पैदा करने की किसी भी कोशिश का जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
नड्डा का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस आरोप के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि CEC (मुख्य चुनाव आयुक्त) बीजेपी की विचारधारा का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'वे तो ऐसा ही कहेंगे, लेकिन उनके अपने ही लोगों ने उनकी पोल खोल दी है और उनके अपने ही लोग यह बात बता रहे हैं। यहां तक कि केरल के एक मुख्य सचिव ने भी कहा है कि हमारे CEC ने खुद उनसे चुनाव लड़ने के लिए कहा था। इसका मतलब है कि जो व्यक्ति सबसे ऊंचे पद पर है, वह बीजेपी की विचारधारा का प्रचार कर रहा है और बीजेपी का कार्यकर्ता बन गया है। इसलिए सब साफ है। इसमें कोई शक नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर उनमें जरा भी नैतिक अधिकार बचा है, तो उन्हें उस पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उसके बाद इस्तीफे के बाद भी हमें उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।'