Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 Aug, 2026 11:06 AM

दोस्त के साथ रेस्टोरेंट में डिनर पर जाना महाराष्ट्र के नए फ़ूड सेफ़्टी चीफ़ तुकाराम मुंडे के काम करने के तरीके की पहली झलक बन गया। दरअसल, महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर का पद संभालने के कुछ ही समय बाद, एक दोस्त ने उन्हें...
मुंबई: दोस्त के साथ रेस्टोरेंट में डिनर पर जाना महाराष्ट्र के नए फ़ूड सेफ़्टी चीफ़ तुकाराम मुंडे के काम करने के तरीके की पहली झलक बन गया। दरअसल, महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर का पद संभालने के कुछ ही समय बाद, एक दोस्त ने उन्हें डिनर के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान उन्हें परोसा गया पनीर नकली पाए जाने का दावा सामने आया।
निमंत्रण मिलने पर मुंडे ने मज़ाक में कहा कि उनकी नई ज़िम्मेदारियों का मतलब है कि वे शायद खाने का मज़ा लेने के बजाय नियमों के उल्लंघन को ढूंढ़ने में शाम बिताएंगे। मुंडे ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, "मेरी आदत है कि मैं जहां भी जाता हूं, बस आस-पास की चीज़ें देखता रहता हूं।" रेस्टोरेंट में मुंडे ने देखा कि उनका ज़रूरी फ़ूड लाइसेंस प्रमुखता से नहीं लगाया गया था। उन्होंने पीने के पानी की व्यवस्था के बारे में भी सवाल पूछे। फिर दोस्त ने पनीर की डिश ऑर्डर की।
मुंडे ने अपने दोस्त से कहा, "पनीर ऑर्डर मत करो। यह पक्का मेरी नज़र की जांच में पास नहीं होगा।" जब पनीर आया, तो मुंडे ने उसे और बारीकी से देखा और सवाल उठाया कि क्या रेस्टोरेंट असली पनीर परोस रहा है या कोई नकली प्रोडक्ट। उन्होंने कहा, "मैंने फिर पूछा, क्या यह सच में असली पनीर है? आते ही मैंने इसे चेक किया। यह पक्का असली पनीर नहीं था।" मुंडे ने अपने दोस्त से उसे न खाने को कहा। फिर उन्होंने रेस्टोरेंट मैनेजमेंट के सामने कई मुद्दे उठाए, जिनमें नियमों के पालन से जुड़ी चिंताएं भी शामिल थीं। लेकिन उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट के ख़िलाफ़ सज़ा वाली कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय, उन्होंने रेस्टोरेंट को नियमों के उल्लंघन को ठीक करने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने कहा, 24 घंटे बाद मैंने अपने अधिकारियों को जाकर जांच करने के लिए कहा तो उनके पास नियमों का पालन करने के लिए 24 घंटे थे और ज़ाहिर है, जांच हुई और बाकी सब इतिहास है।
मुंडे ने तीन महीने पहले FDA का पद संभाला था। महाराष्ट्र कैडर के 2005 बैच के इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) अधिकारी ने पूरे राज्य में फ़ूड-सेफ़्टी नियमों के उल्लंघन के ख़िलाफ़ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। साफ़-सफ़ाई और फ़ूड-सेफ़्टी के नियमों का पालन न करने पर रेस्टोरेंट, आइसक्रीम पार्लर, डेयरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है।
मुंडे के काम करने के तरीक़ों की आलोचना भी हुई है, ख़ासकर लाइसेंस सस्पेंड करने और अलग-अलग मामलों में ऐसी कार्रवाई कितनी सही है, इसे लेकर उन्हें आलोचनाओं क भी सामना करना पड़ा। उन्होंने जन-स्वास्थ्य को संभावित खतरा होने पर FDA के तेज़ी से कार्रवाई करने के अधिकार का बचाव किया है।
मुंडे ने बताया कि पिछले दो महीनों में अधिकारियों ने 3,100 से ज़्यादा जगहों का निरीक्षण किया। लगभग 165 लाइसेंस सस्पेंड किए गए, जबकि 750 से ज़्यादा प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए। मुंडे ने कहा, "अगर यह कार्रवाई सही अनुपात में नहीं लगती, तो मुझे नहीं पता कि सही अनुपात की परिभाषा क्या होगी।" उन्होंने इस बात को भी सिरे से नकार दिया कि यह अभियान अपनी पब्लिक प्रोफ़ाइल बनाने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह मेरे बारे में नहीं है। यह फ़ूड सेक्टर के बारे में है। यह फ़ूड सेफ़्टी के बारे में है। यह फ़ूड स्टैंडर्ड्स के बारे में है। मैं सबसे ज़्यादा खुश तब होऊंगा जब FDA को कहीं जाने की ज़रूरत न पड़े और FDA बंद हो जाए। अगर ऐसा हो सके, तो इससे बेहतर कुछ नहीं होगा।"