Edited By Ramkesh,Updated: 15 Aug, 2026 12:52 PM

कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर महिला आरक्षण को लेकर लालकिले से ''बेईमानी भरा दावा'' करने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी सरकार की ''दोहरी एवं पाखंडी'' नीति के कारण यह आरक्षण 2024 के लोकसभा चुनाव से लागू नहीं किया जा सका। पार्टी...
नयी दिल्ली: कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर महिला आरक्षण को लेकर लालकिले से ''बेईमानी भरा दावा'' करने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी सरकार की ''दोहरी एवं पाखंडी'' नीति के कारण यह आरक्षण 2024 के लोकसभा चुनाव से लागू नहीं किया जा सका। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री को पता होना चाहिए कि संसद ने सितंबर, 2023 में सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि कानून 2024 के चुनावों से प्रभावी न हो पाए। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि यह अधिनियम 16 अप्रैल 2026 की देर शाम ''जल्दबाजी में और चुपचाप'' अधिसूचित किया गया। रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह भी याद रखना चाहिए कि महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान संविधान में 1993 में पारित 73वें और 74वें संशोधनों के माध्यम से किया गया था और इसे लागू कराने में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सोच एवं दृढ़ संकल्प की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के मुद्दे पर लगातार अपने रुख पर कायम रही है और मौजूदा लोकसभा सदस्यों की संख्या के भीतर 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने की मांग करती रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से दिए अपने संबोधन में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण लागू करने में सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाना चाहिए ताकि वे लोकसभा और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व हासिल कर नीति निर्माण में अपना योगदान दे सकें।