Edited By Rohini Oberoi,Updated: 11 Mar, 2026 09:29 AM

शादियों में फिजूलखर्ची और भारी-भरकम दहेज के दौर में राजस्थान के नागौर जिले के एक किसान ने मिसाल कायम की है। किसान हनुमान राम माली ने अपनी बेटी की शादी को केवल एक पारिवारिक आयोजन तक सीमित न रखकर इसे सामाजिक जागरूकता का मंच बना दिया। उनके इस अनोखे कदम...
Nagaur Farmer Gifts Tractor to Daughter in Wedding : शादियों में फिजूलखर्ची और भारी-भरकम दहेज के दौर में राजस्थान के नागौर जिले के एक किसान ने मिसाल कायम की है। किसान हनुमान राम माली ने अपनी बेटी की शादी को केवल एक पारिवारिक आयोजन तक सीमित न रखकर इसे सामाजिक जागरूकता का मंच बना दिया। उनके इस अनोखे कदम की चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।
बेटी को आत्मनिर्भरता का उपहार: दहेज में दिया ट्रैक्टर
हनुमान राम ने अपनी बेटी की विदाई पर उसे गहने या लग्जरी कार देने के बजाय ट्रैक्टर भेंट किया। इसके पीछे उनका संदेश बेहद साफ था—बेटी केवल घर संभालने के लिए नहीं बल्कि खेतों में अन्नदाता बनकर आत्मनिर्भर बनने के भी काबिल है। ट्रैक्टर को खेती और प्रगति का प्रतीक मानते हुए उन्होंने अपनी बेटी को सशक्त बनाने की कोशिश की।
बारातियों के लिए नो हेलमेट, नो एंट्री
शादी में सबसे ज्यादा चर्चा उस तोहफे की रही जो बारातियों और मेहमानों को दिया गया। हनुमान राम ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक अनूठी पहल की:
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अनिवार्य शर्त: शादी में शामिल होने वाले उन सभी मेहमानों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य रखा गया जो दुपहिया वाहन (बाइक/स्कूटर) से आए थे।
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सुरक्षा का तोहफा: बारात में आए मेहमानों को उपहार के तौर पर हेलमेट बांटे गए।
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संदेश: किसान का कहना था कि वह नहीं चाहते कि खुशी के इस मौके के बाद कोई भी परिवार सड़क हादसे की वजह से मातम में डूबे।
इलाके में हो रही जमकर तारीफ
इस अनोखी शादी की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और आसपास के गांवों में फैली लोग किसान हनुमान राम की सोच के कायल हो गए। स्थानीय प्रशासन और समाजसेवियों ने भी इस पहल को सराहा है। लोगों का कहना है कि अगर हर पिता इसी तरह जागरूक हो जाए तो समाज से न केवल दहेज की कुप्रथा खत्म होगी बल्कि कीमती जानें भी बचाई जा सकेंगी।