Edited By Rohini Oberoi,Updated: 23 Jul, 2026 09:56 AM

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देश के युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता...
नेशनल डेस्क। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ बढ़ते विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को युवाओं के भविष्य के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
X पर एक पोस्ट में, PM मोदी ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और संबंधित अधिकारियों को सभी ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं PM मोदी ने लिखा, हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।
संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे हमारे कदमों की कड़ी का हिस्सा है। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री का यह भरोसा ऐसे समय में आया है जब दिल्ली और अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिसमें कार्यकर्ताओं ने 20 जुलाई को 'चलो संसद' का आह्वान भी किया है। कार्यकर्ताओं ने अपना आंदोलन खत्म करने के लिए तीन मांगें रखी हैं।
इस मौके पर संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, पहली मांग, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। दूसरी, NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा। तीसरी, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बिना वजह दर्ज की गई सभी FIR वापस ली जाएं और हम सरकार से यह पक्की गारंटी चाहते हैं कि भविष्य में इस विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ ऐसी कोई FIR दर्ज नहीं की जाएगी।
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दास ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बिना किसी समझौते वाली मांग (non-negotiable) बताया और कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ज़रूरी है इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। इसके बिना विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यह तब तक जारी रहेगा जब तक ज़रूरत होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि पेपर लीक के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और यह एक गंभीर समस्या है जिस पर गहराई से चर्चा की ज़रूरत है। दास ने कहा कि उन्होंने सोनम वांगचुक से बात की है जो अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद भूख हड़ताल पर हैं और वे इस बात पर सहमत हुए कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहना चाहिए।
वहीं दिल्ली पुलिस के अनुसार झड़पों के दौरान 118 से ज़्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए इनमें स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नर रैंक के वरिष्ठ अधिकारी साथ ही कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थे। लगभग 60 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की खबर है।