Edited By Rohini Oberoi,Updated: 07 Sep, 2026 12:03 PM

अक्सर देखा जाता है कि देश के सबसे अच्छे और आधुनिक सुविधाओं वाले अस्पतालों के ICU में भर्ती मरीज भी इलाज के बावजूद दम तोड़ देते हैं। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बाद भी जब दवाएं काम करना बंद कर देती है तो इसके पीछे असली वजह अस्पताल के ICU में मौजूद...
जाजपुर : अक्सर देखा जाता है कि देश के सबसे अच्छे और आधुनिक सुविधाओं वाले अस्पतालों के ICU में भर्ती मरीज भी इलाज के बावजूद दम तोड़ देते हैं। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बाद भी जब दवाएं काम करना बंद कर देती है तो इसके पीछे असली वजह अस्पताल के ICU में मौजूद 'सुपरबग्स' (दवा-प्रतिरोधी रोगाणु) होते हैं।
हाल ही में हुए एक शोध में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि ICU में होने वाली कुल मौतों में से 25 प्रतिशत मौतें बहु-दवा प्रतिरोधी संक्रमण के कारण होती हैं। इनमें से चिंताजनक बात यह है कि 94 फीसदी मरीजों को यह जानलेवा संक्रमण अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ही मिला था। साधारण शब्दों में कहें तो जब किसी मरीज के शरीर में मौजूद बैक्टीरिया या रोगाणु पर एक साथ 3 या उससे अधिक श्रेणियों की एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो जाती हैं तो उसे 'मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंस' कहा जाता है।
कोच्चि स्थित अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि ICU में मौजूद 34 फीसदी बैक्टीरिया 'कार्बापेनम प्रतिरोधी' थे जो गंभीर संक्रमण का मुख्य कारण बने। सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाले दो प्रमुख खतरनाक बैक्टीरिया क्लेबसिएला न्यूमोनिया और एसिनेटोबैक्टर बॉमनी पाए गए।
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'इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च' (IJMR) में प्रकाशित यह अध्ययन अक्टूबर 2022 से मई 2025 के बीच आयोजित किया गया था। शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हुए ICU मरीजों के 8,704 नमूने एकत्र किए जोकि इस प्रकार हैं :
जांच प्रक्रिया, आंकड़े और परिणाम
कुल एकत्र नमूने, "8,704"
पॉजिटिव (संक्रमित) नमूने, "3,450 (39%)"
MDR (सुपरबग) नमूने, 750 (34.2%)
संक्रमितों में कुल मौतें, 191 (25.5% मृत्यु दर)
अस्पताल में हुआ संक्रमण, 180 मरीज (94%)
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शोध के नतीजे स्पष्ट करते हैं कि ICU में भर्ती 750 MDR संक्रमित मरीजों में से 191 की मौत हो गई। इनमें से 180 मरीजों (94%) को यह खतरनाक सुपरबग संक्रमण इलाज के दौरान ही अस्पताल के वातावरण, उपकरणों या अन्य जरियों से लगा। विशेषज्ञों के मुताबिक एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल और अस्पतालों में कड़े इंफेक्शन कंट्रोल नियमों की कमी के कारण ये बैक्टीरिया बेहद शक्तिशाली होकर ICU में पनपने लगते हैं जिससे सामान्य दवाएं इन पर असर करना बंद कर देती हैं।