Edited By Ramkesh,Updated: 06 Jun, 2026 08:19 PM

कांग्रेस के अल्पसंख्यक एवं अनुसूचित जाति विभागों ने शनिवार को फैसला किया कि वे अल्पसंख्यकों और दलितों के साथ होने वाले उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ संयुक्त रूप से देशव्यापी अभियान शुरू करेंगे। इसी क्रम में वे 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस के अल्पसंख्यक एवं अनुसूचित जाति विभागों ने शनिवार को फैसला किया कि वे अल्पसंख्यकों और दलितों के साथ होने वाले उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ संयुक्त रूप से देशव्यापी अभियान शुरू करेंगे। इसी क्रम में वे 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन करेंगे। पार्टी के एससी विभाग के प्रमुख राजेंद्र पाल गौतम और अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने दोनों विभागों की संयुक्त बैठक के बाद इस कार्यक्रम की जानकारी दी।
गौतम ने संवाददाताओं से कहा, "आज यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस का अनुसूचित जाति विभाग और अल्पसंख्यक विभाग संयुक्त रूप से लोगों की लड़ाई लड़ेंगे। इस अभियान के तहत अधिवेशन केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि आगामी अधिवेशनों में अल्पसंख्यक विभाग और एससी विभाग के साथ आदिवासी विभाग को भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद पिछड़े वर्ग और देश के सामान्य वर्ग के गरीबों को भी एक साथ जोड़ने का प्रयास होगा ताकि इन सभी वर्गों की आवाज उठाई जा सके। प्रतापगढ़ी ने कहा, "कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग और एससी विभाग की ओर से इस अभियान को देश के सभी राज्यों तक ले जाया जाएगा। जहां भी उत्पीड़न और अन्याय के मामले सामने आएंगे, वहां हम संयुक्त रूप से पीड़ितों के साथ खड़े होंगे और हरसंभव मदद करेंगे।
उनका कहना था, "हमारा उद्देश्य यह है कि समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के मन में यह विश्वास बना रहे कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के संविधान में सभी को न्याय और समान अधिकार मिलता हैं।" प्रतापगढ़ी ने कहा कि इसी उद्देश्य के साथ 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जून महीने के तीसरे हफ्ते में अल्पसंख्यक विभाग और एससी विभाग की राष्ट्रीय व राज्य सलाहकार परिषद उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करेगी।