चीन के सस्ते सामान से बढ़ी दुनिया की चिंता, यूरोप बनता जा रहा है 'डंपयार्ड'

Edited By Updated: 07 Jun, 2026 12:35 AM

cheap chinese goods are increasing the world s concern

चीन का सस्ता सामान अब दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसने उसे दुनिया की 'फैक्ट्री' तो बना दिया है, लेकिन अब यही स्थिति दूसरे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए खतरा पैदा कर रही है।

इंटरनेशनल डेस्कः चीन का सस्ता सामान अब दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसने उसे दुनिया की 'फैक्ट्री' तो बना दिया है, लेकिन अब यही स्थिति दूसरे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए खतरा पैदा कर रही है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप अब चीनी उत्पादों का 'डंपयार्ड' बनता जा रहा है, जहां चीन अपना जरूरत से ज्यादा उत्पादन खपा रहा है।

उत्पादन और खपत का बड़ा अंतर
रिपोर्टों के मुताबिक, वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) में चीन की हिस्सेदारी लगभग 30% है, जबकि उसकी अपनी घरेलू खपत मात्र 13% ही है। इसका सीधा अर्थ यह है कि चीन जितना उत्पादन कर रहा है, उसका आधे से भी कम हिस्सा वह खुद इस्तेमाल करता है और बाकी पूरी दुनिया के बाजारों में सस्ते दामों पर बेच देता है। अब चीन केवल सस्ता सामान ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-वैल्यू वाले उत्पादों में भी इनोवेशन कर रहा है, जिससे यूरोपीय कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है।

टैरिफ भी नहीं रोक पा रहे चीनी रफ्तार
यूरोपीय संघ (EU) ने चीनी सामानों की आवक कम करने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं, लेकिन वे बेअसर साबित हो रहे हैं। 2024 में चीन की इलेक्ट्रिक कारों पर भारी टैरिफ लगाए गए थे—BYD पर 17%, Geely पर 18.8% और SAIC पर 35% से ज्यादा शुल्क लगाया गया। इसके बावजूद, चीनी कारों का निर्यात रुकने के बजाय 2024-25 के बीच 26% बढ़ गया और अकेले 2025 में चीन ने 12 लाख से अधिक गाड़ियां निर्यात कीं।

मैक्रों की चेतावनी और स्टील पर सख्ती
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चेतावनी दी है कि यदि व्यापार असंतुलन कम नहीं हुआ, तो यूरोप को चीन से 'अलग' होना पड़ सकता है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए, EU इस साल जुलाई से टैरिफ-फ्री स्टील कोटा में 47% की कटौती करने जा रहा है। साथ ही, 2031 तक स्टील पर आयात शुल्क को 25% से बढ़ाकर 50% करने की योजना है।

क्या होगा अगला कदम?
यूरोपीय संघ अब 'सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे' वाली रणनीति पर काम कर रहा है। चर्चा है कि अपनी इंडस्ट्री को बचाने के लिए यूरोप जल्द ही 'ओवरकैपेसिटी इंस्ट्रूमेंट' जैसा कड़ा सिस्टम लागू कर सकता है, जिससे चीन द्वारा सामान 'डंप' करने की स्थिति में बेहद सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। फिलहाल, यूरोप औद्योगिक नीति को मजबूत कर चीन के आर्थिक दबदबे को चुनौती देने की तैयारी में है।

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