Edited By Sahil Kumar,Updated: 27 Oct, 2026 02:02 PM

राजस्थान में बीकानेर में वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता का मंगलवार को सुबह ह्रदयाघात से निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह अचानक अस्वस्थ होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बीकानेरः राजस्थान में बीकानेर में वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता का मंगलवार को सुबह ह्रदयाघात से निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह अचानक अस्वस्थ होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गुप्ता पांच दशक से अधिक समय तक वकालत करते रहे। वह बीकानेर बार संघ के अध्यक्ष पद पर आठ बार चुने गये। वकालत के अलावा वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। आपातकाल में वह जेल भी गये और 18 महीने जेल में रहे। इसके वह वर्ष 1977 में जनता पार्टी की ओर से श्रीकोलायत विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गये। वह अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे और कभी समझौता नहीं किया। इसके चलते सरकार की नीतियों से असहमत होने पर उन्होंने डेढ़ वर्ष बाद ही विधायक पद से इस्तीफा दे दिया।
अधिवक्ता गुप्ता ने इसके बाद किसी दल का समर्थन नहीं किया और निर्दलीय चुनाव लड़े। हालांकि इसके बाद उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद वह जनहित के मामलों में सदा मुखर रहे। बीकानेर की प्रमुख समस्याओं के खिलाफ वह सदैव संघर्षरत रहे। खासकर शहर की रेलवे क्रॉसिंग समस्या को लेकर उन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और इस मामले में उनकी याचिका अब भी जोधपुर उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
वर्ष 1964 में बीकानेर के डूंगर कॉलेज से बीए करने के बाद 1966 में राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की। लंबे कानूनी अनुभव और बार संघ में बार-बार नेतृत्व के कारण बीकानेर के अधिवक्ता समुदाय में उनकी विशिष्ट और सम्मानजनक पहचान बनी रही। उनके निधन से न्यायिक और राजनीतिक क्षेत्र में गहरा शोक है। उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। बीकानेर बार संघ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिवक्ताओं ने उनके निधन के सूचना के बाद आज कार्य स्थगित कर दिया।