Edited By Parveen Kumar,Updated: 04 Oct, 2026 05:31 AM

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में चोट लगने के "झूठे दावों" की नए सिरे से जांच कराएगी। राज्य सचिवालय 'नबान्न' में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित...
नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में चोट लगने के "झूठे दावों" की नए सिरे से जांच कराएगी। राज्य सचिवालय 'नबान्न' में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अधिकारी ने दावा किया कि राज्य संचालित बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज की एक चिकित्सा रिपोर्ट में मार्च 2021 की घटना के बाद बनर्जी के पैर में 'फ्रैक्चर' होने का कोई प्रमाण नहीं मिला था।
अधिकारी ने एक रिपोर्ट के बनर्जी की चिकित्सा रिपोर्ट होने का दावा करते उसे प्रदर्शित करते हुए कहा, "ममता बनर्जी ने 2021 में नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान पैर में चोट लगने का नाटक किया था। यह बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के रेडियो डायग्नोसिस विभाग की 11 मार्च 2021 की रिपोर्ट है। इसमें फ्रैक्चर का कोई प्रमाण नहीं है।" उन्होंने कहा कि राज्य की सीआईडी पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है और राज्य सरकार विधानसभा उपचुनावों के बाद एक नई जांच शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''उनके झूठे आरोप से नंदीग्राम के लोगों का अपमान हुआ। सीआईडी मामले की जांच कर रही है और मैं इससे जुड़ी अधिक जानकारी साझा नहीं करुंगा। नौ अक्टूबर के बाद आदर्श आचार संहिता हटने पर मैं इस बारे में और जानकारी सामने रखूंगा। आज, मैं कल किए गए अपने दावों के समर्थन में यह बात कह रहा हूं।'' नंदीग्राम में छह अक्टूबर को उपचुनाव होना है और इसके नतीजे नौ अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस घटना का इस्तेमाल राज्य के लोगों को गुमराह करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा, "मीडिया के जरिए मामले की सुनवाई जैसा माहौल बनाया गया और पश्चिम बंगाल के लोगों को गुमराह किया गया।" अधिकारी ने इससे पहले नंदीग्राम-2 विकासखंड के बिरुलिया बाजार में एक रैली को संबोधित करते हुए यह दावा किया था। यही वह स्थान है, जहां पांच साल पहले बनर्जी घायल हुई थीं। तत्कालीन मुख्यमंत्री बनर्जी को 10 मार्च, 2021 को चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम के बिरुलिया के रेयापाड़ा इलाके में बाएं पैर और कमर में चोट लगी थी।
बनर्जी ने शुरुआत में कहा था कि कुछ अज्ञात लोगों ने जानबूझकर उन्हें उनकी कार के दरवाजे की ओर धक्का दिया, जिससे दरवाजा उनके बाएं पैर से जोर से टकराया और भारी भीड़ के बीच पैर चोटिल हो गया। बाद में अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में बनर्जी ने बताया था कि समर्थकों का अभिवादन करते समय भारी भीड़ उनकी कार के पास आ गई थी, जिससे उनका पैर दब गया और उन्हें चोट लगी। उन्हें आधिकारिक तौर पर बाएं टखने और पैर की हड्डियों में गंभीर चोट के साथ-साथ दाहिने कंधे, हाथ, गर्दन और कमर में चोट व दर्द की जानकारी दी गई थी।
इसके बाद उन्हें कोलकाता लाया गया और राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। विस्तृत जांच के बाद बनर्जी को 12 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दी गई। उस समय उनके बाएं पैर पर प्लास्टर था और उन्होंने बाद में व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार जारी रखा। इन चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने 294 में से 216 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई थी।