Fake Liv‑52 Scam: लिवर की दवा Liv-52 की 50 हजार फर्जी टैबलेट बरामद, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Edited By Updated: 09 Feb, 2026 10:14 AM

ghaziabad liver famous medicine liv 52 fatty liver fake tablet

गाजियाबाद के मुरादनगर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर अपनी तिजोरियां भर रहा था। लिवर को ठीक करने के लिए दुनिया भर में मशहूर दवा 'Liv-52' के नाम पर यह गैंग बड़े पैमाने पर नकली गोलियां बनाकर बाजार में...

नेशनल डेस्क: गाजियाबाद के मुरादनगर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर अपनी तिजोरियां भर रहा था। लिवर को ठीक करने के लिए दुनिया भर में मशहूर दवा 'Liv-52' के नाम पर यह गैंग बड़े पैमाने पर नकली गोलियां बनाकर बाजार में खपा रहा था। पुलिस की स्वॉट टीम और मुरादनगर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर पांच जालसाजों को रंगे हाथ दबोचा है, जो लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के दम पर यह गोरखधंधा चला रहे थे।

ब्रांडेड डिब्बे में 'बीमारी' का सौदा
इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। असली कंपनी ने जब पुलिस को सूचना दी कि उनके नाम से नकली दवाइयां बेची जा रही हैं, तो जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ये आरोपी बाहर की लैब से साधारण गोलियां बनवाते थे और फिर अलग-अलग जगहों से छपवाए गए नकली रैपर, डिब्बे और ढक्कन का इस्तेमाल कर उन्हें हूबहू असली जैसा पैक कर देते थे। इतना ही नहीं, पुलिस को झांसा देने के लिए इन्होंने फर्जी GST नंबर और नकली ड्रग लाइसेंस तक बनवा रखे थे।

कम लागत, बड़ा मुनाफा और जान का खतरा
पकड़े गए आरोपियों ने कबूला कि एक डिब्बी तैयार करने में उन्हें महज 35 से 40 रुपये का खर्च आता था, जिसे वे बाजार में 100 रुपये या उससे अधिक में बेचते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि Liv-52 का इस्तेमाल फैटी लिवर और पाचन सुधारने के लिए किया जाता है, लेकिन इन नकली गोलियों के सेवन से मरीजों का लिवर ठीक होने के बजाय पूरी तरह खराब हो सकता था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 50 हजार नकली टैबलेट, हजारों की संख्या में खाली डिब्बियां, ढक्कन और पैकिंग का सामान बरामद किया है।

पुलिस की रडार पर अभी और भी नाम
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मयंक, अनुप, तुषार, आकाश और नितिन शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि ये नकली खेप को ट्रांसपोर्ट के जरिए दूसरे शहरों में भी सप्लाई करते थे। फिलहाल पांच आरोपी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन इस गिरोह के छह और सदस्यों की तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दवाइयों के नाम पर मौत परोसने वाले इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!