भारत में डिजिटल अफेयर का बढ़ता ट्रेंड: 40 लाख भारतीय इस Extramarital dating app पर एक्टिव

Edited By Updated: 05 Apr, 2026 12:09 PM

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Extramarital dating app : विदेशों की तरह अब भारत में भी एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप्स की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। बता दें कि भारत में इस समय Gleeden एक प्रमुख एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है, जिसके यूजर्स की संख्या 40 लाख का...

Extramarital dating app : विदेशों की तरह अब भारत में भी एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप्स की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। बता दें कि भारत में इस समय Gleeden एक प्रमुख एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है, जिसके यूजर्स की संख्या 40 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। 2024 में इस प्लेटफॉर्म द्वारा किए गए एक स्टडी से पता चला है कि 25 से 50 वर्ष की आयु के लगभग 60 प्रतिशत शादीशुदा भारतीय अब ओपन रिलेशनशिप, स्विंगिंग और रिलेशनशिप एनार्की जैसे गैर-पारंपरिक तरीकों को अपनाने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। इसके अलावा Ashley Madison जैसे वैश्विक मंचों का डेटा भी चौंकाने वाला है, जिसके अनुसार तमिलनाडु का कांचीपुरम शहर देश में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के नए केंद्र के रूप में सामने आया है।
  
ऐप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स का प्रोफाइल
Gleeden के यूजर बेस पर नजर डालें तो इसमें 65 प्रतिशत पुरुष और 35 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि पिछले दो सालों में महिलाओं की संख्या में 148 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस ऐप पर एक्टिव लोग औसतन प्रतिदिन एक से डेढ़ घंटा बिताते हैं। चैटिंग के लिए सबसे सक्रिय समय दोपहर 12 से 3 बजे और रात 10 से 3 बजे के बीच का होता है। जहां पुरुष आमतौर पर 25 से 30 वर्ष की महिलाओं के साथ जुड़ना चाहते हैं, वहीं महिलाएं 30 से 40 वर्ष के उन पुरुषों को प्राथमिकता देती हैं जो आर्थिक रूप से संपन्न और पेशेवर रूप से स्थापित हों, जैसे कि डॉक्टर या सीनियर एग्जीक्यूटिव।

किन शहरों में है एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग का चलन 
एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग का यह चलन अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है। हालांकि बेंगलुरु, हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई और पुणे जैसे शहर अभी भी इस सूची में सबसे ऊपर हैं, लेकिन अब लखनऊ, चंडीगढ़, सूरत और गुवाहाटी जैसे छोटे शहरों में भी यूजर्स की तादाद तेजी से बढ़ रही है। यह दर्शाता है कि छोटे शहरों के लोग भी अब अपनी निजी जिंदगी और भावनात्मक संतुष्टि के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेने लगे हैं।
 

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