भारत में पेट्रोल-डीजल के घटेंगे दाम! 7 साल बाद भारत की ओर बढ़ा ईरानी तेल, युद्ध के बीच लिया बड़ा फैसला

Edited By Updated: 01 Apr, 2026 05:47 PM

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भारत ने करीब सात साल बाद ईरान से कच्चे तेल की संभावित खरीद की दिशा में कदम बढ़ाया है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरानी तेल लेकर एक टैंकर भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज हो गई है। ईरान द्वारा भारत को कच्चा तेल देने के...

नेशनल डेस्क : भारत ने करीब सात साल बाद ईरान से कच्चे तेल की संभावित खरीद की दिशा में कदम बढ़ाया है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरानी तेल लेकर एक टैंकर भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज हो गई है। ईरान द्वारा भारत को कच्चा तेल देने के बाद देश में पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की आशंका जताई जा रही है। 

वडीनार पोर्ट पहुंच सकता है टैंकर

शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार ‘पिंग शुन’ (Ping Shun) नाम का अफ्रामैक्स टैंकर इस हफ्ते भारत के पश्चिमी तट पर स्थित वडीनार बंदरगाह पहुंच सकता है। यह जहाज मार्च की शुरुआत में ईरान के खर्ग द्वीप से कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ था। हालांकि, इसका अंतिम गंतव्य अभी पूरी तरह तय नहीं माना जा रहा है।

2019 के बाद पहली संभावित डिलीवरी

अगर यह डिलीवरी पूरी होती है, तो यह मई 2019 के बाद भारत द्वारा ईरानी तेल की पहली खरीद होगी। उस समय अमेरिका ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिसके बाद भारत समेत कई देशों ने आयात बंद कर दिया था।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई बाधित होने के कारण वैश्विक तेल बाजार दबाव में है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में तेजी आई है। ऐसे में ईरानी तेल की वापसी को बाजार के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।

पेमेंट और इंश्योरेंस बनी बड़ी चुनौती

हालांकि, इस डील के सामने कई चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। सबसे बड़ी दिक्कत पेमेंट, शिपिंग और इंश्योरेंस से जुड़ी है। कई अंतरराष्ट्रीय बैंक, जो डॉलर में भुगतान की प्रक्रिया संभालते हैं, ईरान से जुड़े लेनदेन में भाग लेने से बच रहे हैं।

पहले भी फंसा था एलपीजी मामला

हाल ही में ईरान से एलपीजी की एक खेप भारत पहुंची थी, लेकिन पेमेंट से जुड़ी दिक्कतों के कारण उसे उतारा नहीं जा सका। ‘सी बर्ड’ नाम का जहाज मैंगलोर पहुंचा, लेकिन अभी तक माल की डिलीवरी पूरी नहीं हो पाई है।

रिफाइनरी कंपनियां चुप

भारत की प्रमुख रिफाइनरी कंपनियां- इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और नायरा एनर्जी- ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। बताया जा रहा है कि नायरा एनर्जी इस महीने अपने प्लांट के रखरखाव के कारण बंद रहने वाली है, जिससे उसे फिलहाल कच्चे तेल की जरूरत नहीं होगी।

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