Edited By Tanuja,Updated: 01 Apr, 2026 05:32 PM

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अब तक करीब 5.98 लाख भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। दुबई में मिसाइल इंटरसेप्शन के मलबे से 3 भारतीय घायल हुए। भारत सरकार लगातार निगरानी कर रही है और विशेष फ्लाइट्स व वैकल्पिक रूट्स से लोगों को वापस ला रही है।
International Desk: ईरान जंग ने लाखों भारतीयों को सीधे प्रभावित किया है, लेकिन भारत सरकार ने बड़े स्तर पर राहत और निकासी अभियान चलाकर अपनी क्षमता दिखा दी है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए सतर्कता बरती जा रही है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी Aseem R Mahajan ने बताया पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। सरकार के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक लगभग 5,98,000 भारतीय पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र से वापस देश लौट चुके हैं। उन्होंने बताया कि हालात लगातार बदल रहे हैं, लेकिन भारत पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कैसे हो रही है वापसी?
- आज करीब 90 उड़ानें यूएई से भारत आ रही हैं
- सऊदी अरब और ओमान से भी नियमित फ्लाइट्स
- कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला, 8–10 उड़ानें संभव
- लेकिन कुवैत और बहरीन का एयरस्पेस अब भी बंद
भारत ने वैकल्पिक रास्ते अपनाए
ईरान से लोगों को आर्मेनिया और अजरबैजान के जरिए, इजराइल से मिस्र और जॉर्डन के रास्ते व इराक से जॉर्डन और सऊदी अरब के जरिए निकाला जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने 24x7 स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया। सभी दूतावासों को अलर्ट पर रखा और स्थानीय सरकारों के साथ समन्वय बढ़ाया। साथ ही, इराक और कुवैत में हुई घटनाओं में मारे गए भारतीयों के पार्थिव शरीर भी आज भारत लाए गए हैं। बता दें कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध अब दूसरे महीने में है। इसका असर तेल सप्लाई, उड़ानों और सुरक्षा पर पड़ रहा है