Edited By Radhika,Updated: 14 Mar, 2026 06:03 PM

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की इस समय नजरें 8th pay Commission पर टिकी है। सरकारी कर्मचारियों को इसका काफी बेसब्री से इंतजार है। जहाँ एक ओर वेतन आयोग के गठन के बाद नई सिफारिशों का इंतजार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 18 महीने...
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की इस समय नजरें 8th pay Commission पर टिकी है। सरकारी कर्मचारियों को इसका काफी बेसब्री से इंतजार है। जहाँ एक ओर वेतन आयोग के गठन के बाद नई सिफारिशों का इंतजार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 18 महीने के बकाया महंगाई भत्ते की मांग ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। कर्मचारी संगठनों का आग्रह है कि इस लंबित राशि का भुगतान अब कर दिया जाना चाहिए।
क्या है 18 महीने के बकाया का पूरा विवाद?
यह मामला साल 2020-21 के कोरोना काल का है। महामारी के दौरान पैदा हुए आर्थिक संकट और सरकारी खजाने पर बढ़ते दबाव को देखते हुए, केंद्र सरकार ने जनवरी 2020 से जून 2021 तक के महंगाई भत्ते की तीन किस्तों पर रोक लगा दी थी। कर्मचारी यूनियनों का तर्क है कि यह राशि उनका हक है और वे लंबे समय से इसे जारी करने की मांग कर रहे हैं। संगठनों का सुझाव है कि साल 2027 में जब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हों, तब सरकार इस एरियर को भी साथ में जारी कर दे।

पेंडिंग एरियर पर सरकार का रुख
लगातार उठ रही मांगों के बीच वित्त मंत्रालय ने संसद में इस मुद्दे पर स्थिति साफ की है। सरकार के अनुसार, कोविड-19 के दौरान वित्तीय संतुलन बनाए रखने और कल्याणकारी योजनाओं के लिए फंड सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीए की किस्तों पर रोक लगाई थी। इस समय के दौरान काफी लंबे समय तक आर्थिक बोझ बना रहा, जिसके चलते ऐसा कहा जा रहा है कि फिलहाल सरकार का इस बकाया एरियर को देने का कोई विचार नहीं है।
करोड़ों लोगों पर असर
इस फैसले का सीधा असर लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ रहा है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इस भुगतान से आर्थिक मंदी के दौर में कर्मचारियों को राहत मिलेगी। हालांकि, सरकार की ओर से मिले जवाब ने फिलहाल इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यदि तय कार्यक्रम के अनुसार सब कुछ चलता रहा, तो 8वें वेतन आयोग की नई दरें 2027 की पहली छमाही से लागू होने की संभावना है।