HPV Vaccination: सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ सरकार का बड़ा कदम, 14 साल की लड़कियों को मुफ्त में लगेगी HPV वैक्सीन

Edited By Updated: 25 Feb, 2026 01:57 AM

government s big step against cervical cancer

महिलाओं में रोके जा सकने वाले कैंसर को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्र सरकार जल्द ही 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को लक्षित करते हुए राष्ट्रव्यापी 'ह्यूमन पैपिलोमावायरस' (एचपीवी) टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करेगी। आधिकारिक सूत्रों ने...

नेशनल डेस्कः महिलाओं में रोके जा सकने वाले कैंसर को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्र सरकार जल्द ही 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को लक्षित करते हुए राष्ट्रव्यापी 'ह्यूमन पैपिलोमावायरस' (एचपीवी) टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करेगी। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत एकल खुराक के रूप में 'गार्डासिल' नामक 'क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन' का इस्तेमाल किया जाएगा। यह इंजेक्शन सर्वाइकल कैंसर का कारण बनने वाले एचपीवी टाइप 16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करता है। इसके साथ ही यह टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा प्रदान करता है।

सूत्रों ने कहा कि यह अभियान एक विशेष टीकाकरण अभियान होगा और सरकार के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिशों के अनुरूप है, जिनमें एचपीवी टीकाकरण को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के उन्मूलन की वैश्विक रणनीति का एक केंद्रीय स्तंभ माना गया है। इस संबंध में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ''मजबूत वैश्विक और भारतीय वैज्ञानिक प्रमाण इस बात की पुष्टि करते हैं कि अनुशंसित आयु वर्ग की लड़कियों में टीके की एक खुराक ही मजबूत और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है।''

राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का लक्ष्य 14 वर्ष की आयु की लड़कियां होंगी। यह वह उम्र है जिसमें एचपीवी टीका संबंधित विषाणु के संभावित संपर्क में आने से काफी पहले अधिकतम निवारक लाभ प्रदान करता है। खुले बाजार में, 'क्वाड्रिवेलेंट गार्डासिल-4' दो खुराक वाला टीका है, जिसकी प्रत्येक खुराक की कीमत 3,927 रुपये है, और यह 15 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के लिए है। पंद्रह वर्ष से अधिक आयु की लड़कियों के लिए, टीके की तीन खुराक आवश्यक हैं। गार्डासिल-4 वैक्सीन का निर्माण एमएसडी इंडिया द्वारा किया जाता है। सूत्र ने कहा, ''राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत टीकाकरण स्वैच्छिक और निःशुल्क होगा, जिससे सभी सामाजिक-आर्थिक समूहों को समान रूप से लाभ मिल सकेगा। सही उम्र में रोकथाम को प्राथमिकता देकर, इस कार्यक्रम से जीवनभर सुरक्षा मिलने और देश में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।''

इस टीके का सुरक्षा रिकॉर्ड उत्कृष्ट है और 2006 में इसकी शुरुआत के बाद से वैश्विक स्तर पर दी गईं 50 करोड़ से अधिक खुराक इसका प्रमाण हैं। सूत्र के अनुसार, टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने के बाद, भारत उन 160 देशों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों में एचपीवी टीकाकरण को शामिल किया है। 90 से अधिक देश एकल खुराक एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम लागू कर रहे हैं। एचपीवी टीके दुनिया भर में सर्वाधिक अध्ययन से गुजरे टीकों में शामिल हैं, और साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि टीके में शामिल एचपीवी प्रकारों के कारण होने वाले गर्भाशय ग्रीवा कैंसर को रोकने में इनकी प्रभावशीलता 93 से 100 प्रतिशत तक है। इस संबंध में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ''आगामी राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत 'स्वस्थ नारी' की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो यह सुनिश्चित करती है कि रोकथाम, सुरक्षा और समानता देश में महिलाओं के स्वास्थ्य देखभाल की नींव बनें।''

आंकड़ों के अनुसार, भारत में महिलाओं में सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर बना हुआ है, जिसमें सालाना लगभग 80,000 नए मामले और 42,000 से अधिक मौत दर्ज की जाती हैं। वैज्ञानिक प्रमाणों से यह स्थापित होता है कि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लगभग सभी मामले 'ह्यूमन पैपिलोमावायरस' (एचपीवी) के उच्च जोखिम वाले प्रकारों, विशेष रूप से एचपीवी प्रकार 16 और 18 के लगातार संक्रमण के कारण होते हैं, जो भारत में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के 80 प्रतिशत से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। टीकाकरण और प्रारंभिक जांच के माध्यम से गर्भाशय ग्रीवा कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है, इसके बावजूद इसकी वजह से महिलाओं और परिवारों पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार, आगामी टीकाकरण कार्यक्रम एचपीवी संक्रमण को कैंसर में तब्दील होने से पहले ही रोककर इस चुनौती का सीधा समाधान करेगा। यह अभियान आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों) सहित नामित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर चलाया जाएगा।

सभी टीकाकरण केंद्रों को 24/7 सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी और सुरक्षा तथा अभिभावकों का विश्वास मजबूत होगा। इस संबंध में एक अन्य आधिकारिक सूत्र ने बताया कि निर्बाध उपलब्धता और बेजोड़ गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने एक पारदर्शी, वैश्विक स्तर पर समर्थित खरीद तंत्र के माध्यम से एचपीवी टीके की आपूर्ति सुरक्षित की है। भारत की 'गावी - द वैक्सीन एलायंस' के साथ साझेदारी के तहत, भारत के औषधि नियामक द्वारा अनुमोदित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले उच्च गुणवत्ता से युक्त गार्डासिल टीके राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। सूत्र ने कहा, ''देश भर के माता-पिता और अभिभावकों को आगे आकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कार्यक्रम शुरू होने के बाद उनकी 14 वर्षीय बेटियों को एचपीवी रोधी टीका लगाया जाए।''

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